खपरैल मकान से पक्के आशियाने तक, प्रधानमंत्री आवास योजना ने गनपत गिरी का बदला जीवन

असलम रजा ,बीजापुर 12 सितम्बर 2026- कभी सड़क किनारे छोटे से खपरैल मकान में परिवार के साथ जिंदगी गुजारने वाले गनपत गिरी के लिए पक्के मकान का सपना किसी कल्पना से कम नहीं था। मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले गनपत गिरी पिता स्व. चिन्नु गिरी, नगरीय क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 15 के निवासी हैं। करीब 30 वर्षों से बीजापुर में निवासरत गनपत गिरी ने लंबे समय तक अभावों और कठिन परिस्थितियों के बीच अपने परिवार की जरूरतें पूरी कीं। उनका कच्चा मकान बरसात के दिनों में परेशानी का सबब बन जाता था। छत से पानी टपकने के साथ ही परिवार को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। सीमित आमदनी के कारण वे स्वयं पक्का मकान बनाने की स्थिति में नहीं थे। ऐसे में वर्षों तक उनका परिवार इसी कच्चे मकान में रहने को मजबूर रहा।

वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री आवास योजना के बीएलसी घटक अंतर्गत ‘मोर जमीन मोर मकान’ योजना की जानकारी नगरपालिका बीजापुर के अधिकारियों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना की टीम के माध्यम से गनपत गिरी को मिली। इसके बाद उनका आवेदन भरवाकर शासन को प्रस्ताव भेजा गया। आवास की स्वीकृति मिलने पर उनके अपने पक्के मकान का सपना साकार होने की उम्मीद जगी। आवास निर्माण शुरू करने में जब उन्हें मजदूर और मिस्त्री की उपलब्धता को लेकर परेशानी हुई, तो नगरपालिका बीजापुर की प्रधानमंत्री आवास योजना की टीम ने उनकी मदद की। टीम द्वारा स्थानीय मिस्त्री एवं मजदूर उपलब्ध कराने में सहयोग किया गया, जिसके बाद गनपत गिरी ने धीरे-धीरे अपने सपनों के घर का निर्माण पूरा किया।

आज गनपत गिरी अपने परिवार के साथ पक्के और सुरक्षित आवास में गर्व एवं खुशी के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जिस पक्के मकान की उन्होंने कभी सपने में भी कल्पना नहीं की थी, वह प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उनके परिवार की हकीकत बन चुका है। अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए गनपत गिरी ने नगरपालिका बीजापुर, राज्य शासन एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पक्का मकान मिलने से उनके परिवार को न केवल सुरक्षित छत मिली है, बल्कि सम्मान और बेहतर जीवन जीने का भरोसा भी मिला है।

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