बलौदाबाजार(मोहन तिवारी)कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में चर्चित जहरीली शराब हत्याकांड को लेकर मृतकों के परिजन और ग्रामीण बलौदाबाजार पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की। अन्य शामिल आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की।
आवेदन के मुताबिक 6 फरवरी 2026 से 14 मई 2026 के बीच गांव के कई लोगों को कथित साजिश के तहत शराब में सुहागा नामक जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया। इससे उनकी मौत हो गई। इस घटना में बद्री पटेल, बुठालू साहू, छत्तूराम साहू, बुधराम जायसवाल, विनोद साहू, गजनंद मांझी, चेतूराम साहू, महेतरू राम साहू की जान गई। कुल आठ मौतें हुईं। परिजनों का आरोप है कि अब तक इस मामले में केवल रामसहाय जायसवाल की गिरफ्तारी हुई है। देवनारायण जायसवाल, मोहन जायसवाल समेत अन्य लोगों की भी कथित संलिप्तता रही है। उनका कहना है कि सभी मृतकों को सुनियोजित तरीके से जहरीला पदार्थ मिलाकर शराब पिलाई गई। आवेदन में दावा किया गया है कि मृतक बुधराम जायसवाल ने मौत से पहले अपने परिजनों और गांव की महिलाओं को बताया था कि उसे देवनारायण जायसवाल ने शराब दी थी। मृतक गजनंद मांझी के मामले में आरोप है कि मोहन जायसवाल उसके घर पहुंचा। रामसहाय जायसवाल द्वारा दी गई शराब उसे पिलाई। इसके बाद उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने कहा कि मामले को 45 दिन से अधिक समय बीत चुका है। जांच अब तक सभी कथित आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी। उन्होंने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। सभी दोषियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों से आवेदन मिला है। आवेदन में लगाए गए आरोपों की विधिवत जांच हो रही है। विवेचना जारी है। मेडिकल और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी।






