खाद के लिए अब नहीं लगानी पड़ेगी लंबी लाइन, छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, जानिए ऑनलाइन सत्यापन का तरीका, प्रशिक्षण शुरू

कमलकांत पाटनवार 

बिलासपुर

आगामी रबी सीजन में किसानों को खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए कृषि विभाग ने नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है। अब किसानों को उनके खेतों के रकबे के आधार पर टोकन जारी कर उर्वरक दिया जाएगा। इसके लिए सहकारी समितियों के प्रबंधकों और निजी खुदरा विक्रेताओं को तकनीकी कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया है।

कार्यालय उप संचालक कृषि के सभागार में आयोजित कार्यशाला में जिले की सेवा सहकारी समितियों के प्रबंधकों, थोक व निजी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को नई उर्वरक वितरण प्रणाली से अवगत कराया गया। विभाग का मुख्य उद्देश्य किसानों को सही समय पर, उचित मूल्य में और बिना किसी परेशानी के उर्वरक उपलब्ध कराना है।

नई व्यवस्था के तहत डिजिटल माध्यम से टोकन जारी किए जाएंगे, जिससे वास्तविक जोत के अनुसार ही खाद का आबंटन हो सकेगा। इससे उर्वरक वितरण में मनमानी और अवैध भंडारण पर पूरी तरह अंकुश लगेगा। कृषि, सहकारिता और विपणन संघ के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ निजी कृषि केंद्रों के संचालकों को भी प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है।

विभाग की योजना है कि आने वाले दिनों में मैदानी स्तर पर कृषि चौपाल लगाकर किसानों को भी इस डिजिटल टोकन प्रणाली की जानकारी दी जाए, ताकि रबी की बोआई के समय सोसायटियों में अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो।

रकबे के आधार पर आबंटन, रुकेगी कालाबाजारी

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अक्सर रबी सीजन में खाद की किल्लत और मुनाफाखोरी की शिकायतें सामने आती हैं। नई वितरण प्रणाली लागू होने से प्रत्येक किसान के कुल कृषि रकबे का आनलाइन सत्यापन होगा और उसी अनुपात में टोकन जारी होंगे। इससे कालाबाजारी और बिचौलियों के दखल पर पूरी तरह रोक लगेगी।

 

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