सड़क निरीक्षण नहीं, सिर्फ प्रोटोकॉल निभाने आए थे अरुण साव
डोंगरगांव(दीपक अवस्थी)।राजनांदगांव–डोंगरगांव मुख्य सड़क की बदहाली से हर दिन हजारों लोग परेशान हैं, लेकिन विभाग की उदासीनता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि रविवार को पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव यहां सड़क निरीक्षण के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ अपने तय प्रोटोकॉल के कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे थे।
मंत्री का काफ़िला उसी जर्जर और गड्ढों से भरी सड़क से गुजरता रहा, जिस पर पिछले तीन वर्षों में 52 मौतें और 120 से अधिक हादसे हो चुके हैं।
मंत्री के वाहन के साथ पूरा काफिला जगह-जगह गड्ढों में उछलता रहा। लेकिन जब AG ख़बर ने उनसे सड़क निर्माण की समयसीमा, टेंडर में देरी और विभागीय लापरवाही पर सवाल पूछा, तो मंत्री ने मौन साध लिया।
उन्होंने सिर्फ इतना कहा — “देखते हैं।” इसके बाद वे तुरंत वाहन में बैठे और आगे बढ़ गए।
ये था मंत्री का पूरा प्रोटोकॉल कार्यक्रम
7 दिसंबर को मंत्री अरुण साव का जिला दौरा पहले से तय प्रोटोकॉल के अनुसार था:
- सुबह 11:30 बजे — रायपुर से अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, राजनांदगांव के लिए प्रस्थान
- दोपहर 1:00 बजे — तीरंदाजी प्रतियोगिता में उपस्थिति
- 1:30 बजे — साहू सदन में युवक–युवती परिचय सम्मेलन
- 2:30 बजे — शपथ ग्रहण समारोह
- 3:00 बजे — विश्राम गृह, राजनांदगांव
- 4:00 से 4:45 बजे — लाटमेटा (नयाटोला) में खो-खो प्रतियोगिता में शामिल
सड़क की हालत: तीन साल में 52 मौतें, 120 से ज्यादा हादसे
डोंगरगांव–राजनांदगांव मार्ग की हालत किसी खतरे की पट्टी से कम नहीं है। गड्ढों, धंसान और टूटी हुई लेन के बीच वाहन निकालना मुश्किल है।
लगातार हादसों के बाद भी पीडब्ल्यूडी टेंडर प्रक्रिया में देरी और तकनीकी कारणों का हवाला देकर कार्रवाई से बचता रहा है। विभाग की निष्क्रियता से जनता में भारी आक्रोश है।
विश्राम गृह के सामने हुआ स्वागत
डोंगरगांव पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने मंत्री का स्वागत किया।
मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश गांधी, पूर्व मंडल अध्यक्ष रामकुमार गुप्ता, मंडल अध्यक्ष टीना पटेल, जनपद उपाध्यक्ष मनीष साहू सहित भाजपा के कई कार्यकर्ता मौजूद थे।





