गुम मोबाइल की रिकवरी में बिलासपुर पुलिस राज्य में अव्वल, 2026 में 1250 फोन बरामद

बिलासपुर (कमलकांत पाटनवार):- गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी और उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने के मामले में बिलासपुर पुलिस ने छत्तीसगढ़ में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2026 में अब तक बिलासपुर पुलिस द्वारा कुल 1250 गुम मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इनमें से स्वतंत्रता दिवस उत्सव के अवसर पर आयोजित विशेष ‘चेतना अभियान’ के तहत 202 मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को वापस किए गए। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है।

बिलासपुर पुलिस ने 9 अगस्त 2026 को आयोजित ‘अर्पण’ कार्यक्रम के दौरान इन मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ नजर आया। कई ऐसे लोग भी कार्यक्रम में पहुंचे, जिन्होंने अपना मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। मोबाइल मिलने पर लोगों ने बिलासपुर पुलिस के प्रयासों की सराहना की और पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति आभार जताया। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह के निर्देश पर गुम हुए मोबाइल फोन की लगातार तलाश और बरामदगी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने संबंधित टीमों को निर्देश दिए हैं कि मोबाइल गुम होने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी संसाधनों की मदद से उनकी तलाश की जाए और बरामद मोबाइल को उसके वास्तविक स्वामी तक पहुंचाया जाए।

इसी दिशा में एसीसीयू यानी साइबर सेल बिलासपुर की टीम लगातार काम कर रही है। पुलिस के अनुसार, तकनीकी संसाधनों और लगातार प्रयासों के जरिए बिलासपुर जिले के अलावा छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों तथा सीमावर्ती राज्यों से भी गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस टीम ने मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी और अन्य उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए इनकी लोकेशन और उपयोग से जुड़े सुराग जुटाए। इसी अभियान के तहत 202 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है। इन मोबाइल फोन को 9 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में उनके वास्तविक धारकों को वापस किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से उन लोगों को बड़ी राहत मिली, जिनके मोबाइल लंबे समय से गुम थे।

बिलासपुर पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक 1250 मोबाइल फोन रिकवर किए जा चुके हैं। गुम मोबाइल फोन की बरामदगी और उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने के मामले में बिलासपुर पुलिस को पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर बताया गया है। पुलिस के अनुसार, यह उपलब्धि तकनीकी टीम, साइबर सेल और जिले के विभिन्न थाना स्टाफ के समन्वित प्रयासों से हासिल हुई है। ‘अर्पण’ कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने सिर्फ मोबाइल फोन वापस करने तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी, बल्कि लोगों को साइबर अपराधों के प्रति भी जागरूक किया। साइबर सेल बिलासपुर के प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी और उनकी टीम ने कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों को वर्तमान समय में सामने आ रहे विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड के बारे में जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए किन सावधानियों को अपनाना चाहिए।

इस दौरान भारत सरकार के बहुउपयोगी मोबाइल एप्लीकेशन ‘संचार साथी’ के बारे में भी नागरिकों को जानकारी दी गई। साइबर सेल की टीम ने लोगों को इस एप्लीकेशन के उपयोग और मोबाइल व साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में बताया। पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन लेनदेन और मोबाइल उपयोग के दौरान सतर्क रहने की अपील की। स्वतंत्रता दिवस उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष चेतना अभियान के तहत हुए इस कार्यक्रम में एसीसीयू साइबर सेल बिलासपुर के साथ जिले के विभिन्न थाना स्टाफ की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल फोन आज लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में मोबाइल गुम होने पर उसकी बरामदगी लोगों के लिए आर्थिक और व्यक्तिगत दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण होती है।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं एसीसीयू मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन परमेश्वर तिलवार और नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव सहित अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और मोबाइल धारक मौजूद रहे। बिलासपुर पुलिस ने अपने इस अभियान के माध्यम से आम लोगों को भरोसा दिलाया कि गुम हुए मोबाइल की शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों के जरिए उसकी बरामदगी का प्रयास किया जाता है। पुलिस का संदेश है कि लोगों की उम्मीद और उनकी अमानत को सुरक्षित तरीके से उनके पास वापस पहुंचाना पुलिस की प्राथमिकता है।

 

  • बिलासपुर पुलिस का संदेश: “आपकी एक आस, आपकी अमानत, आपके पास।”

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