ग्लैमर, रहस्य और फरारी का अंत: नागपुर में धरी गई लखनऊ की हाईप्रोफाइल मॉडल श्रद्धा दुबे

लखनऊ के पॉश इलाके हजरतगंज में करोड़पति रेस्टोरेंट कारोबारी शिवा शर्मा की चौथी मंजिल से गिरकर हुई रहस्यमयी मौत का मामला अब एक बेहद सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच चुका है। 9 अक्टूबर को अवध ग्रीन अपार्टमेंट की बालकनी से गिरने के बाद शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन जब शिवा की मां ने पुलिस के सामने आकर सनसनीखेज खुलासे किए, तो यह पूरी कहानी कत्ल की साजिश में तब्दील हो गई। मां का सीधा आरोप है कि शिवा को बेदर्दी से सिगरेट से जलाकर प्रताड़ित किया गया और फिर बालकनी से नीचे फेंक दिया गया। वारदात के वक्त फ्लैट में मौजूद उसकी लिव-इन पार्टनर और हाईप्रोफाइल मॉडल श्रद्धा दुबे इस खूनी मंजर के बाद रातोंरात फरार हो गई थी। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, श्रद्धा दुबे का एक ऐसा शातिर चेहरा सामने आया जिसने न सिर्फ कानून व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे के बड़े अफसरों की कुर्सियां तक हिला दीं। लापरवाही बरतने के आरोप में डीसीपी सेंट्रल और एसीपी हजरतगंज को उनके पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी एसटीएफ को कमान सौंपी गई।

इस बीच, श्रद्धा दुबे ने किसी शातिर अपराधी की तरह पुलिस को चकमा देने के लिए देशव्यापी फरारी का एक बेहद उलझा हुआ जाल बुना। वारदात की अगली ही सुबह वह अपनी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर अली के साथ स्कॉर्पियो कार से बहराइच के रुपईडीहा बॉर्डर पहुंची, जहां गाड़ी पार्क कर वह सीधे नेपाल में दाखिल हो गई। नेपाल में उसका पुराना फैशन शो और इवेंट्स का नेटवर्क था, जिसका इस्तेमाल उसने छिपने के लिए किया। जब पुलिस ने उस पर ₹50,000 का इनाम घोषित किया और गैर-जमानती वारंट हासिल कर लिया, तो उसने नेपाल के दांग जिले से तीन अलग-अलग वीडियो जारी किए। इन वीडियो में वह रोते हुए खुद को बेगुनाह बता रही थी, मीडिया पर बदनामी का आरोप मढ़ रही थी और दावा कर रही थी कि शिवा कर्ज के जाल में फंसे थे, इसलिए उन्होंने खुदकुशी की है। लेकिन जमीन पर उसका एक्शन वीडियो से बिल्कुल उलट था। उसने अग्रिम जमानत के लिए वकालतनामा साइन करने की कोशिश की और पुलिस को भटकाने के लिए नेपाल से वापस आकर आगरा के एक आलीशान होटल में बुर्का पहनकर रुकी, जो सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गया। इसके बाद वह दिल्ली पहुंची और वहां से फ्लाइट पकड़कर करीब 1100 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र के नागपुर जा छिपी, जहां वह छोटे-छोटे लॉज और अंत में वर्धा रोड स्थित एक फ्लैट में नाम बदलकर रहने लगी।

श्रद्धा की गिरफ्तारी के बाद अब उसके अतीत की जो काली परतें खुल रही हैं, उसने तफ्तीश करने वाले अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं। रायबरेली के एक बेहद साधारण मध्यवर्गीय परिवार से आने वाली श्रद्धा ने चकाचौंध और ग्लैमर की अंधी चाहत में अपना हंसता-खेलता परिवार, पति और मासूम बच्चे को बहुत पहले ही छोड़ दिया था। लखनऊ आने के बाद उसने रसूखदारों को अपने जाल में फंसाने के लिए बाकायदा बाउंसरों की फौज, महंगी गाड़ियां और लग्जरी लाइफस्टाइल मेंटेन करना शुरू किया। जांच में यह भी सामने आया है कि वह बड़े और अमीर लोगों को निशाना बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करती थी और इस धंधे के लिए वह कथित तौर पर मुख्तार अंसारी गैंग के गुर्गों और अभिषेक सिंह उर्फ बाबू जैसे नामी हिस्ट्रीशीटरों के संपर्क में थी। शिवा शर्मा की मौत से पहले का एक कथित ऑडियो भी सामने आया है जिसमें वह शिवा को बेरहमी से गालियां दे रही थी, जबकि डरा हुआ शिवा अपनी जान बख्शने के बदले अपनी बीएमडब्ल्यू कार तक उसे सौंपने की भीख मांग रहा था। यूपी एसटीएफ और नागपुर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा पकड़े जाने के बाद जब श्रद्धा को कोर्ट में पेश किया जा रहा था, तब भी उसने पुलिसकर्मियों से कहा कि उसे पीछे बैठने में सांस फूलती है, इसलिए वह गाड़ी में आगे बैठेगी। फिलहाल पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ ला रही है, जहां पूछताछ में उसके इस पूरे सिंडिकेट और उसे फरारी में आर्थिक मदद देने वाले सफेदपोशों के नामों का पर्दाफाश होना तय माना जा रहा है।

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