संदीप यादव मुंगेली :-छत्तीसगढ़ में पुलिस आरक्षक भर्ती 2023-24 को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले चार दिनों से जारी अभ्यर्थियों का आंदोलन अब और भी उग्र रूप लेता दिखाई दे रहा है। अपनी मांगों को लेकर अड़े अभ्यर्थियों ने गृहमंत्री विजय शर्मा के कार्यालय (निवास) के सामने मोर्चा खोल रखा है। अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि उन्हें अब कोई खोखला आश्वासन नहीं, बल्कि सीधा फाइनल रिजल्ट चाहिए।
सद्बुद्धि हवन और मुंडन कराकर जताया विरोध
प्रदर्शन के चौथे दिन अभ्यर्थियों ने विरोध जताने के लिए अनोखा रास्ता अपनाया। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की ‘सद्बुद्धि’ के लिए प्रदर्शन स्थल पर ही हवन-पूजन किया गया। कई युवाओं ने विरोध स्वरूप अपना सिर मुंडवा लिया। इस आंदोलन में महिलाओं की भी दर्दनाक तस्वीर सामने आई; भारी बारिश और भीगते पानी के बीच कई महिला अभ्यर्थी अपने दूधमुंहे बच्चों को गोद में लेकर प्रदर्शन स्थल पर डटी रहीं।

भर्ती में नियम बदलने और ‘वन कैंडिडेट-मल्टीपल सिलेक्शन’ का आरोप
अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के नियमों में बदलाव किया गया, जिससे कई पद खाली रह गए। एक ही अभ्यर्थी का चयन एक से अधिक जिलों या सेंटरों की सूची में होने के कारण योग्य उम्मीदवारों का नाम फाइनल लिस्ट में आने से छूट गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर वेटिंग लिस्ट और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाती, तो हजारों युवाओं का सपना टूटने से बच जाता। 
शुरुआत से ही विवादों के घेरे में रही भर्ती प्रक्रिया
यह पुलिस भर्ती अपनी शुरुआत से ही धांधली के आरोपों से घिरी रही है:

- फिजिकल और मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी: शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल) से लेकर अंतिम सूची जारी होने तक अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं।
- राजनांदगांव फर्जीवाड़ा और जेल: राजनांदगांव केंद्र में फर्जीवाड़े के तहत लगभग 3,000 अभ्यर्थियों की जांच की बात सामने आई थी, जिनमें से कई संदिग्धों पर कार्रवाई कर जेल भेजा गया।
- पुलिसकर्मी की आत्महत्या और सुसाइड नोट: इस विवाद के दौरान एक पुलिसकर्मी ने आत्महत्या कर ली थी। मृतक ने अपने सुसाइड नोट में आरोप लगाया था कि फर्जीवाड़े में शामिल बड़े अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
- फिजिकल टेस्ट में फर्जीवाड़े का खुलासा: अकेले गोला फेंक और लंबी कूद (लॉन्ग जंप) की री-चेकिंग में 129 अभ्यर्थी पकड़े गए थे। अभ्यर्थियों का दावा है कि राजनांदगांव और बिलासपुर के अलावा अन्य जिलों में ऐसी री-चेकिंग नहीं कराई गई, जहां बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका है।
- CCTV फुटेज डिलीट होने का दावा: मामले को संदिग्ध बनाते हुए अभ्यर्थियों ने यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि जांच के दायरे में आने वाले एक दिन का पूरा सीसीटीवी फुटेज गायब/डिलीट कर दिया गया है।
मौसम की मार और शासन-प्रशासन के रवैये के बावजूद अभ्यर्थी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। अब देखना यह होगा कि शासन इस बढ़ते जनाक्रोश पर क्या रुख अपनाता है।














