राजनांदगांव।शिक्षा विभाग स्कूलों में बच्चों की दर्ज संख्या के आधार पर युक्तियुक्तकरण कर रहा है। अफसरों की टीम प्रक्रिया में जुटी है। इससे शहरी क्षेत्र के स्कूलों में लंबे समय से जमे अतिशेष शिक्षकों को शिक्षक विहीन स्कूलों में भेजे जाएंगे। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने युक्तियुक्तकरण नीति का विरोध शुरू कर दिया है। फेडरेशन ने इस नीति के कुछ नियमों में बदलाव की मांग की है। उन्होंने इसे सरकारी स्कूल के बच्चों को ज्ञान से वंचित करने की नीति बताया है।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी अनुसार प्राथमिक स्कूलों में पहली से पांचवीं तक 5 कक्षाएं, 4 विषय और 20 पीरियड होते है। 2008 और2022 में सेटअप 1+2 था। दर्ज संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त सहायक शिक्षक के पद स्वीकृत थे। लेकिन ८ 2025 की नीति में इसे 1+1 कर दिया गया है। सवाल है कि 5 कक्षाओं को एक प्रधानपाठक और एक शिक्षक कैसे पढ़ाएंगे। पूर्व माध्यमिक स्कूलों में नि 6वीं से आठवीं तक 3 कक्षा, 6 विषय और 18 पीरियड हैं। 2008 और 2022 में सेटअप 1+4 था। इसे 1+3 किया गया। अब 6 विषयों को 3 व शिक्षक कैसे पढ़ाएंगे। हाई स्कूल में 6 वे विषय, 12 पीरियड है। 2008 में सेटअप 1+6 और 2022 में 1+5 था। व्याख्याता के पद भी स्वीकृत थे। हायर सेकंडरी में 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए 32 पीरियड होते हैं। 2008 में सेटअप 1+11 और 2022 में इसे 1+9 किया गया।





