- ऑनलाइन सीबीटी प्रणाली से वरिष्ठ शिक्षकों की सेवा सुरक्षा पर बढ़ा संकट
रायपुर।छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत गैर-टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (CG TET) आयोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, यह परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) के माध्यम से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) यानी ऑनलाइन पद्धति से ली जाएगी। शासन के इस फैसले ने प्रदेश के 80 हजार 491 सेवारत शिक्षकों के बीच खलबली मचा दी है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि सुदूर व ग्रामीण अंचलों में कार्यरत सैकड़ों वरिष्ठ शिक्षक जो सेवानिवृत्ति के करीब हैं, उन्हें कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान तक नहीं है। ऐसे में बिना किसी तकनीकी प्रशिक्षण के अचानक ऑनलाइन परीक्षा थोपना उनके साथ अन्याय है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने इस ऑनलाइन व्यवस्था का कड़ा विरोध करते हुए इसे तुरंत निरस्त करने और पारंपरिक ओएमआर (OMR) शीट आधारित ऑफलाइन मोड में परीक्षा कराने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और नौकरी बचाने की समय-सीमा
यह पूरी कवायद सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 सितंबर 2025 और 29 मई 2026 को दिए गए कड़े फैसलों के अनुपालन में की जा रही है, जिसमें कक्षा पहली से आठवीं तक के सभी शिक्षकों के लिए टीईटी को अनिवार्य कर दिया गया है। कोर्ट के आदेशानुसार, छत्तीसगढ़ में जिन नियमित सेवारत शिक्षकों की नौकरी में 5 साल या उससे अधिक की सेवा शेष बची है, उन्हें अपनी सेवा सुरक्षित रखने और भविष्य में पदोन्न्ति का लाभ लेने के लिए हर हाल में यह परीक्षा पास करनी होगी। जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 5 वर्ष से कम समय बचा है, उन्हें बिना परीक्षा पास किए रिटायरमेंट तक नौकरी में बने रहने की छूट तो है, लेकिन बिना टीईटी उत्तीर्ण किए उन्हें उच्च पदों पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस योग्यता को हासिल करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया है, जिसके बाद परीक्षा पास न करने वाले शिक्षकों को सेवा से मुक्त भी किया जा सकता है।
साल में दो बार परीक्षा का मौका और संगठनों का असंतोष
शिक्षकों के हितों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सुशासन सरकार ने लोक शिक्षण संचालनालय के प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए कर्मचारी चयन मंडल को वर्ष में कम से कम दो बार विशेष टीईटी परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावित शिक्षकों को पर्याप्त अवसर मिल सकें। परीक्षा में सफल होने वाले शिक्षकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), रायपुर द्वारा पात्रता प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। हालांकि, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन और शिक्षक साझा मंच के प्रांतीय संयोजकों का कहना है कि सरकार को केवल परीक्षा के अवसर बढ़ाने के बजाय परीक्षा के ऑफलाइन मोड की उनकी व्यावहारिक मांग पर तुरंत आधिकारिक आदेश जारी करना चाहिए। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके तकनीकी संकट को समझते हुए ओएमआर आधारित ऑफलाइन परीक्षा का निर्णय नहीं लिया गया, तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए विवश होंगे।






