छात्राओं से छेड़छाड़ करने वाले शिक्षक को 6 साल की सजा, पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया कठोर फैसला

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में नाबालिग स्कूली छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी शिक्षक को 6 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए अर्थदंड भी लगाया है। इस फैसले को स्कूली छात्राओं की सुरक्षा और महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्कूल में छात्राओं के साथ करता था अश्लील हरकत

मामला थाना पलारी क्षेत्र के एक शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय का है। जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी 2025 को प्रार्थिया ने पलारी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि स्कूल में पदस्थ शिक्षक तिलक राम वर्मा नाबालिग छात्राओं को बुरी नीयत से छूकर अश्लील हरकत और छेड़छाड़ करता था।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 75(1)(B) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 एवं 9(f) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

घटना के दिन ही आरोपी शिक्षक गिरफ्तार

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 फरवरी 2025 को ही आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। जांच के दौरान पीड़ित छात्राओं और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। साथ ही घटनास्थल का नक्शा तैयार किया गया और पीड़िताओं के बयान धारा 183 BNSS के तहत कराए गए।

पीड़िता की आयु की पुष्टि के लिए स्कूल का दाखिल-खारिज रजिस्टर भी जब्त किया गया। विवेचना के दौरान प्रकरण में अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) भी जोड़ी गई।

मजबूत साक्ष्यों के आधार पर पेश हुई चार्जशीट

मामले की विवेचना थाना पलारी में पदस्थ ASI राजेश सेन ने की। उन्होंने 5 मई 2025 को न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक ने महत्वपूर्ण गवाहों, चिकित्सकीय साक्ष्यों और विवेचना से जुड़े तथ्यों को न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया।

पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई 6 साल की सजा

विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बलौदाबाजार गिर्जेश प्रताप सिंह ने 30 अक्टूबर 2026 को मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी शिक्षक तिलक राम वर्मा (55 वर्ष), पिता मोतीलाल वर्मा, निवासी ग्राम सरसेनी, थाना सुहेला, वर्तमान निवासी बघेल कॉलोनी पलारी को दोषी करार दिया।

न्यायालय ने आरोपी को निम्न सजा सुनाई है—

– धारा 74 BNS: 9 बार अपराध के लिए कुल 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 4,500 रुपये अर्थदंड।

– पॉक्सो एक्ट की धारा 9(f)/10: 9 बार अपराध के लिए कुल 6 वर्ष का सश्रम कारावास और 9,000 रुपये अर्थदंड।

अर्थदंड अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सश्रम कारावास का भी प्रावधान किया गया है।

न्यायालय के आदेश के अनुसार, आरोपी को सुनाई गई सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इस तरह मामले में आरोपी शिक्षक को अधिकतम 6 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया है।

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