राजकुमार अग्रवाल ,बागबाहरा। झलप–बागबाहरा मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर एक बार फिर लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से सड़क की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन सड़क की हालत में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ।
उनका कहना है कि बार-बार पिंच रिपेयरिंग किए जाने के बावजूद सड़क के कई गड्ढे पहले से अधिक बड़े और खतरनाक हो गए हैं।
बीती रात छिलपावन पेट्रोल पंप के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढे में एक ट्रक फंस गया, जिसके कारण लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा। ट्रक के फंसे रहने से आम राहगीरों के साथ-साथ पेट्रोल पंप संचालक को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग पर केवल 5 से 6 स्थानों पर गंभीर गड्ढे हैं, जिनमें दो स्थान लगभग 20-20 मीटर तक अत्यधिक क्षतिग्रस्त हैं। उनका कहना है कि यदि इन स्थानों की स्थायी मरम्मत कर दी जाए तो सड़क पर होने वाली अधिकांश समस्याओं का समाधान हो सकता है। इसके बावजूद विभाग द्वारा हर वर्ष अस्थायी मरम्मत कर औपचारिकता पूरी किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।
नागरिकों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से इन गड्ढों की दीर्घकालिक मरम्मत की मांग लगातार की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर भी इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं उठाने का आरोप लगाया है।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई, तो जनहित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। वहीं, इस संबंध में लोक निर्माण विभाग का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। विभाग का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।






