रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने कड़े फैसले लेते हुए दोटूक कह दिया है, शिक्षक एलबी को पेंशन नहीं मिलेगा। पेंशन निर्धारण व एवं लाभ के दावों को स्कूल शिक्षा विभाग ने सिरे से खारिज कर दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव ने एक आदेश जारी कर सरकार का फैसला सुना दिया है। जाहिर सी बात है, सरकारी फैसले से छत्तीसगढ़ के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षक एलबी को झटका लगा है। दरअसल, पंचायत, नगरीय निकाय में पदस्थ जिन शिक्षाकर्मीकी सेवाएं 1 जुलाई 2018 को 8 वर्ष पूरी हो चुकी थी, उनका ही संविलयन स्कूल शिक्षा विभाग में किया गया था।
1 जुलाई 2018 ही रहेगी कट-ऑफ डेट
आदेश में 30 जून 2018 के पुराने संविलियन निर्देश की कंडिका 4 और 5 का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार, शिक्षक (एल.बी.) संवर्ग को मिलने वाले समस्त लाभों की गणना केवल संविलियन तिथि 1 जुलाई 2018 से ही की जाएगी। शासन ने साफ कर दिया है कि शासकीय सेवा में आने से पूर्व के किसी भी दावे को भूतलक्षी प्रभाव से स्वीकार नहीं किया जा सकता।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के निर्देश पर सरकार ने लिया निर्णय
परमेश्वर प्रसाद जैसवाल एवं अन्य शिक्षक एलबी ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता शिक्षकों ने मांग की थी कि उनके पेंशन और अन्य स्वत्वों के लिए सेवा की गणना संविलियन की तिथि के बजाए उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए। इस पर हाई कोर्ट ने 23 जनवरी 2026 को शासन को निर्देश दिया था कि वह इस मामले में सहानुभूतिपूर्वक और संवैधानिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तर्कसंगत निर्णय ले।
अतः स्पष्ट है कि संविलियन निर्देशों के अनुसार संबंधित शिक्षक (पंचायत/न.नि.) संवर्ग के पेंशन एवं अन्य लाभ हेतु सेवाकाल की गणना संविलियन दिनांक से ही किया जाना है। अतः उच्च न्यायालय छ.ग. द्वारा उक्त न्यायालयीन याचिकाओं में पारित आदेश के परिपेक्ष्य में विचार किया गया। विचारोपरांत उपरोक्त कंडिकाओं में वर्णित तथ्यों/विवेचना के आधार पर, याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन को अमान्य किया जाता है।






