आदिवासी समाज के लोग बकरा लेकर ऊपर मंदिर के गार्डन तक पहुंचे, प्रशासन ने नहीं दी अनुमति
डोंगरगढ़।डोंगरगढ़ के मां बम्लेश्वरी मंदिर में गुरुवार शाम को हड़कंप मच गया जब पूर्व सांसद और राजघराने के भवानी बहादुर सिंह के साथ 50 से 60 की संख्या में आदिवासी युवक ऊपर मंदिर पहुंचकर बकरे की बलि देने जिद करने लगे। उन्होंने मंदिर प्रबंधन से कहा कि हमारे परिवार में बकरे की बलि देने की पथा है। इसलिए बकरे की बलि तो देनी पड़ेगी। खबर मिलने पर एमडीएम के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों का दल मंदिर पहुंचा।
माता में बलि देने की प्रथा नहीं है की जानकारी देकर उन्हें मनाने की कोशिश की गई। अंततः प्रशासन की जिद के आगे बलि देने आए लोगों को झुकना पड़ा और वे मान कगए ।सभी लोग पैदल मार्ग से नीचे जिस मार्ग में आए थे उसी मार्ग से उतर गए। बकरे की बलि देने जाने वालों में भी खैरागढ़ सहित अन्य स्थान से आदिवासी युवक आए थे। पीछे मार्ग से चढ़कर गार्डन के समीप घने जंगल झाड़ी में नीबू काटकर पूजा की गई। इसी दौरान पुलिस प्रशासन ने जब यह कहकर रोका कि पिछली बार आप बलि देने कब आए थे। 2025 से पहले कब बलि दी गई तो भवानी बहादुर निस्तर हो गए और प्रशासन ने उन्हें मनाही कर दी। नवरात्रि की पंचमी के दिन भी पंचमी पूजा के लिए उन्हीं के द्वारा इस तरह का विवाद ग्रस्त कार्य किया गया था।





