डोंगरगांव: नतीजों को नतीजे तक नहीं पहुंचा पा रहा शिक्षा विभाग

डोंगरगांव सीबीएसई स्कूल में 274 छात्रों की मार्कशीट नहीं है तैयार

डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)।शिक्षा विभाग की लापरवाही एक बार फिर डोंगरगांव में उजागर हुई है। नगर के शासकीय सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम स्कूल में कक्षा 1 से 7 तक के 274 छात्रों की वार्षिक परीक्षा की मार्कशीट तैयार नहीं हो सकी है, जबकि विभागीय आदेशानुसार 30 अप्रैल तक सभी शालाओं को परिणाम घोषित करना है। यह लापरवाही न केवल बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है, बल्कि विभागीय गैरजिम्मेदारी का जीता-जागता उदाहरण भी बन गई है।

बुनियादी कक्षाओं की उपेक्षा

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कक्षा 1 से 4 तक के 165 विद्यार्थियों की मार्कशीट अब तक स्कूल नहीं पहुंची है। इन कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता परिणाम जानने के लिए स्कूल के चक्कर लगा रहे हैं, पर उन्हें केवल “अभी नहीं आई” का जवाब मिल रहा है।

हिंदी में आई अंग्रेजी स्कूल की मार्कशीट!

कक्षा 5 के 58 छात्रों की मार्कशीट जरूर आई है, लेकिन वह भी हिंदी भाषा में छपी हुई है – जबकि स्कूल अंग्रेजी माध्यम का है। यह स्थिति न सिर्फ हास्यास्पद है, बल्कि विभागीय अव्यवस्था की पोल खोलती है।

छठवीं और सातवीं कक्षा में विषय अध्यापक नहीं

कक्षा 6 और 7 के 109 छात्रों का परिणाम भी अटका हुआ है। पालकों ने यह बताया कि स्कूल में अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान के विषय अध्यापक नियुक्त नहीं हैं। परीक्षा हो जाने के बावजूद मूल्यांकन न होना शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता की ओर इशारा करता है।

पिछले वर्ष भी की थी लापरवाही

यह कोई पहली बार नहीं है जब स्कूल प्रशासन ने इस तरह की गलती की हो। पिछले शिक्षा सत्र में भी कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों की मार्कशीट हिंदी में जारी कर दी गई थी। जब अभिभावकों ने आपत्ति दर्ज कराई, तब जाकर नई मार्कशीट अंग्रेजी में छपवाकर दी गई।

अभिभावकों का फूटा गुस्सा, प्रशासन चुप

मार्कशीट न मिलने से बच्चों के एडमिशन, छात्रवृत्ति, और अन्य शैक्षणिक कार्यों में विलंब हो रहा है। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो और समय रहते छात्रों को सही परिणाम उपलब्ध कराया जाए।

कहीं नहीं दिख रही जवाबदेही

डोंगरगांव जैसे कस्बे में संचालित एकमात्र सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम स्कूल से आमजन अपेक्षा रखते हैं कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और व्यवस्थित प्रक्रिया मिलेगी, परंतु विभागीय उदासीनता और स्टाफ की कमी ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

प्रश्न यह है कि शिक्षा विभाग हर साल ऐसी गंभीर चूक क्यों दोहराता है? जब छात्रों के भविष्य का सवाल है, तो जवाबदेही तय क्यों नहीं की जाती?

जिम्मेदार ने ये दिया जवाब

रिजल्ट 30अप्रैल को ही जारी किया जाएगा। मार्कशीट नहीं आ पाई है तो बाद में भी वितरित हो सकती है। रिजल्ट देने और मार्कशीट देने में अन्तर है। सामान्यतः रिजल्ट के साथ मार्कशीट दी जाती है। पांचवी और आठवी के नतीजे 30 अप्रैल को घोषित हो रहे हैं आप पता कर लिए मार्कशीट उन्हें बाद में दी जाएगी। हो सकता है कि आज शाम तक हम मार्कशीट पहुंचा दे और बी ओ कल तक सभी छात्रों को बटवा दे।

प्रवास कुमार सिंह बघेल

जिला शिक्षा अधिकारी, राजनांदगांव

Hot Topics

Related Articles