बालोद। जिले के मलकुवर गांव में स्थित प्राथमिक शाला में शिक्षक की कमी के मामले ने आज उस वक्त तूल पकड़ लिया, जब पालकों ने स्कूल में ताला जड़ दिया और उसके सामने टेंट लगाकर जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही शिक्षक की कमी को दूर करने की मांग की। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही BEO प्रवीण चतुर्वेदी और तहसीलदार देवेन्द्र नेताम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाया और पास के ही हाई स्कूल नर्राटोला से एक टीचर को व्यवस्था के तौर पर पढ़ाने के लिए मलकुवर स्कूल भेजा, तब जाकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और स्कूल के गेट को खोला।
एक शिक्षक के भरोसे स्कूल
ग्रामीणों की माने तो आदिवासी विकास खण्ड डौंडी के ग्राम मलकुवर में स्थित प्राथमिक शाला में सिर्फ 1 ही शिक्षक है और बच्चे 32 है। एक प्रधान पाठक था जो 4 साल से अस्वस्थ है, जिसके चलते स्कूल नहीं आ पाते। उनका कहना है कि एक शिक्षक के भरोशे हम अपने बच्चों को कैसे पढ़ाये। इस वजह से उन्होंने स्कूल के गेट के सामने बैठकर धरना दिया।
एक सप्ताह में दूसरी बार हुआ ब्लॉक में तालाबंदी
इससे पहले प्राथमिक शाला कांडे में भी पालकों ने 93 बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ 2 टीचर होने की बात कहते हुए स्कूल में ताला बन्दी कर दिया था, जिसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने वहां भी एक टीचर की व्यवस्था की थी, तब जाकर पालक माने थे।
हर बार उठता है कोकाण स्कूल का मामला
बता दें कि जब भी कभी स्कूलों में ताला जड़ा जाता है, तब कोकान स्कूल का मामला जरूर गूंजता है क्योंकि उस स्कूल में 19 बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन टीचर है। कलेक्टर के अनुमोदन के बाद एक टीचर का स्थानांतरण दूसरे स्कूल हुआ है, लेकिन कलेक्टर मेडम को शिक्षा विभाग ने रिलीफ नहीं किया और कलेक्टर मेडम के अनुसंसा वाले आदेश को आज तक ठेंगा दिखा रहा है, जिस वजह से जब भी स्कूलों में ताला जड़ा जाता है कोकान स्कूल का मामला गूंजता है और ग्रामीणों द्वारा विरोध करते हुए अधिकारियों को बोला जाता है कि वहां 3 टीचर है और हमारे गांव के क्यो नही।






