बिजली बिल के नाम जबरन वसूली न रुकी तो सड़क पर उतरेगी कांग्रेस

भाटापारा(मोहन तिवारी)मानिकपुरी समाज एवं कबीरपंथी समाज के विशेष कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने प्रदेश की वर्तमान सरकार और कांग्रेस संगठन की आंतरिक कार्यशैली को लेकर खुलकर चर्चा की।

स्थानीय विधायक इंद्र साव के निवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सांगठनिक रणनीति, मीडिया समन्वय और क्षेत्रीय विकास के गंभीर मुद्दों पर तीखा हमला बोला। आगामी चुनावी रणनीति पर बोलते हुए चरणदास महंत ने पार्टी संगठन के भीतर आत्ममंथन करने की जरूरत पर विशेष जोर दिया। कार्यकर्ताओं की कार्यशैली पर बेबाकी से टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि अमूमन यह देखा जाता है कि चुनाव के समय कार्यकर्ताओं में सक्रियता काफी बढ़ जाती है, लेकिन चुनाव संपन्न होते ही वे धीरे-धीरे जनता से दूर हो जाते हैं।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव में भाटापारा सीट पर कांग्रेस को ऐतिहासिक और मजबूत जीत दर्ज करानी है, तो धरातल पर गुटबाजी को पूरी तरह समाप्त करना होगा। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने संगठन की मजबूती और आपसी बेहतर समन्वय को ही जीत की एकमात्र कुंजी बताया। राज्य की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए महंत ने कहा कि पूरे प्रदेश में अपराध का ग्राफ खतरनाक ढंग से बढ़ रहा है।

समाज का प्रत्येक वर्ग आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्मार्ट मीटर लगाने और बढ़े हुए बिजली बिलों को वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक उग्र जन-आंदोलन खड़ा करेगी। प्रदेश की वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था पर कड़ा हमला बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का प्रमुखता से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पूरी तैयारी के साथ 136 अत्यंत गंभीर बिंदुओं के आधार पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन प्रणाली भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है। वहीं दूसरी ओर बिजली बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी कर आम जनता की जेबों पर अतिरिक्त आर्थिक डाका डाल रही है। यह सीधे जनता से जबरन वसूली है। स्थानीय नागरिकों की वर्षों पुरानी मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए चरणदास महंत ने एक बड़ा बयान दिया।

उन्होंने भौगोलिक, प्रशासनिक और आर्थिक दृष्टिकोण का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के समुचित विकास के लिए प्रदेश में कुल 36 जिले होने चाहिए। इस लक्ष्य के अंतर्गत भाटापारा को अविलंब पूर्ण जिला घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि भाटापारा को जिला बनाने की इस लड़ाई में वे और उनकी पार्टी पूरी मजबूती के साथ जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। इस अवसर पर कई कांग्रेस नेता माजूद थे।

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