बिलासपुरः– नेशनल हाइवे 130 पर प्रस्तावित 20.921 किमी लंबे बिलासपुर उत्तरी बाइपास के एलाइनमेंट क्षेत्र में जमीनों के अवैध सौदों और फर्जी बटांकन के खेल पर प्रशासन ने ताला जड़ दिया है। मुआवजे के नाम पर बिचौलियों और भू-माफियाओं के अनुचित मुनाफे पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आठ गांवों के 644 खसरों की खरीद-बिक्री, विभाजन और नए निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।एनएचएआइ द्वारा बाइपास का रूट तय करते ही सेंदरी, मोपका, रमतला और बिरकोना जैसे क्षेत्रों में अधिक मुआवजा ऐंठने के लिए जमीनों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटने की आशंका बढ़ गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्व विभाग के 14 अक्टूबर 2024 के निर्देशों के तहत यह कदम उठाया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अंतिम भू-अधिग्रहण और शासकीय अधिसूचना जारी होने तक इन खसरों की न तो रजिस्ट्री होगी, न ही डायवर्सन या भवन अनुज्ञा दी जाएगी।
मोपका, रमतला और बिरकोना में सबसे ज्यादा खसरे प्रतिबंधित
मोपका प.ह.नं. 29: 140 खसरों की रजिस्ट्री पर रोक
रमतला प.ह.नं. 24: 137 खसरों पर लगा कड़ा प्रतिबंध
बिरकोना प.ह.नं. 47: 101 खसरों का क्रय-विक्रय बंद
दोमुहानी प.ह.नं. 43: 70 खसरे एलाइनमेंट में शामिल
नगोई प.ह.नं. 17: 65 खसरों के सौदों पर पाबंदी
सेंदरी प.ह.नं. 46: 63 खसरों में खरीद-बिक्री प्रतिबंधित
बिजौर प.ह.नं. 30: 49 खसरों की जमीन पर रोक
ढेंका प.ह.नं. 44: 19 खसरों के अंतरण पर प्रतिबंध
छोटे टुकड़ों में बांटकर मुआवजा बढ़ाने का चल रहा था खेल
प्रशासनिक पड़ताल के अनुसार सड़क परियोजनाओं की भनक लगते ही बिचौलिए बड़े रकबे वाली जमीनों को कागजों में छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर कई गुना अधिक मुआवजा हासिल करने की कोशिश करते हैं। इससे सरकारी खजाने को आर्थिक चपत लगती है और अधिग्रहण विवादों के चलते राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएं सालों लटक जाती हैं।
रजिस्ट्री दफ्तर और निगम को भवन अनुज्ञा रोकने का फरमान
कलेक्टर ने जिला व उप पंजीयक को इन खसरों की रजिस्ट्री न करने के कड़े निर्देश दिए हैं। साथ ही नगर पालिक निगम और नगर तथा ग्राम निवेश (टीएंडसीपी) को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि इस पूरे दायरे में किसी भी तरह की भवन निर्माण अनुज्ञा या निजी कालोनी का ले-आउट पास न किया जाए। अति-आवश्यक पारिवारिक बंटवारे के लिए प्रभावित पक्षकारों को सीधे कलेक्टर के समक्ष आवेदन देना होगा।
बाइपास के एलाइनमेंट में आने वाली जमीनों पर बिचौलियों के अवैध मुनाफे को रोकने और मूल किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया है। अंतिम अधिग्रहण तक इन खसरों की खरीद-बिक्री और नया निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
संजय अग्रवाल, कलेक्टर बिलासपुर








