बेमेतरा कॉलेज शर्मसार: छात्राओं से अश्लील डिमांड करने वाले प्रोफेसर ने विवाद बढ़ने पर दिया इस्तीफा, प्राचार्य पर मामला दबाने का आरोप

बेमेतरा।छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक बेहद गंभीर और हड़कंप मचा देने वाला मामला सामने आया है, जहां शासकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) के राजनीति विज्ञान विभाग में पिछले 3 वर्षों से पदस्थ प्रोफेसर ज्योति प्रभात (जेपी) राणा पर छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और अश्लील मांग करने के बेहद शर्मनाक आरोप लगे हैं। पीड़ित छात्राओं का आरोप है कि प्रोफेसर राणा आधी रात को व्हाट्सएप पर बार-बार वॉइस कॉल करते थे और जब वे कॉल रिसीव नहीं करती थीं, तो चैट पर बेहद आपत्तिजनक बातें लिखकर उन्हें पैसों का प्रलोभन देकर पास बुलाने का दबाव बनाते थे। एक लीक हुए संदेश के अनुसार प्रोफेसर ने लिखा था कि ’50 हजार में महिला प्रोफेसर आ जाती है, तुम आ जाओ’, जिससे तंग आकर छात्राओं ने इस गंभीर दुर्व्यवहार की लिखित शिकायत सबूतों के साथ कॉलेज प्रशासन से की थी।

कॉलेज की छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वीणा त्रिपाठी ने इस संवेदनशील मामले में कोई कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय मामले को कॉलेज स्तर पर ही दबाने की पुरजोर कोशिश की और छात्राओं को बात बाहर न फैलाकर आपसी स्तर पर सुलह करने की सलाह दी। कॉलेज प्रबंधन के इस ढुलमुल और निराशाजनक रवैये से नाराज होकर छात्राएं और छात्र एकजुट हुए और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीधे जिला कलेक्ट्रेट का रुख किया। छात्रों ने कलेक्टर कार्यालय में व्हाट्सएप चैट्स, मैसेज के स्क्रीनशॉट और कॉल डिटेल्स जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य सौंपकर प्रोफेसर को तत्काल बर्खास्त करने और कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा।

कलेक्ट्रेट में शिकायत दर्ज होने की खबर जैसे ही कॉलेज पहुंची, वैसे ही परिसर में छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और मंगलवार सुबह सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। उग्र प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्राचार्य कक्ष के बाहर मोर्चा खोलते हुए कॉलेज प्रबंधन और आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कॉलेज में बाहरी पुलिस बल को तैनात करना पड़ा। भारी विरोध प्रदर्शन और चौतरफा प्रशासनिक दबाव के बीच आरोपी प्रोफेसर जेपी राणा ने अंततः अपना इस्तीफा कॉलेज कार्यालय में सौंप दिया, लेकिन छात्र केवल इस्तीफे से संतुष्ट नहीं थे और वे प्रोफेसर की गिरफ्तारी व प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। कई घंटों के भारी ड्रामे और आक्रोश के बाद जब प्राचार्य डॉ. वीणा त्रिपाठी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के सामने आकर आधिकारिक रूप से प्रोफेसर के इस्तीफे के पत्र की प्रति को सार्वजनिक किया, तब जाकर छात्र शांत हुए और मुख्य गेट का ताला खोला गया। फिलहाल जिला प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग की विशेष टीमें इन डिजिटल सबूतों की कड़ाई से जांच कर रही हैं और पुलिस विभाग भी आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी में जुट गया है।

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