भाजपा नेता से मारपीट और लूट का आरोप, FIR की मांग को लेकर थाने के सामने धरना

बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में भाजपा नेता के साथ मारपीट, नकदी और मोबाइल लूटने के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। घटना से नाराज भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजहरा थाने के सामने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद पुलिस मारपीट, लूट और धमकी के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कर रही थी। मामला बढ़ने के बाद पुलिस और भाजपा नेताओं के बीच मामला दर्ज करने और मोबाइल वापस कराने की बात पर सहमति बनी, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।जानकारी के अनुसार, पूरा मामला राजहरा थाना क्षेत्र का है। कुसुमकसा मंडल के भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष मनप्रीत ब्रोका ने दिलराज सिंह भाटिया पर मारपीट और लूटपाट का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, 10 अक्टूबर को दोपहर करीब एक बजे मनप्रीत बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में दिलराज सिंह भाटिया ने उन्हें रोक लिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रास्ता रोकने के बाद उनके साथ मारपीट की गई और जेब में रखे 10 हजार रुपये छीन लिए गए। इसके अलावा उनका मोबाइल छीनने और अश्लील गालियां देने का भी आरोप लगाया गया है।मामले में कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजहरा थाने के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। बताया गया कि रविवार शाम करीब चार बजे आरोपी को थाने बुलाया गया था। आरोप है कि इस दौरान थाने में भी गाली-गलौज की गई। इस घटना को लेकर भाजपा नेताओं में नाराजगी बढ़ गई। उन्होंने पुलिस से शिकायत के आधार पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की। धरना-प्रदर्शन में भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लुनिया, नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू, मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिकायत पर उचित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

पुलिस से सहमति बनने के बाद धरना समाप्त थाने के सामने प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों और भाजपा नेताओं के बीच बातचीत हुई। इस दौरान मामला दर्ज करने और छीने गए मोबाइल को वापस कराने की बात पर सहमति बनी। इसके बाद भाजपा नेताओं ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। फिलहाल मामले में एफआईआर दर्ज होने और आरोपों की जांच के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए मारपीट, लूट और धमकी के आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

 

 

 

 

 

 

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