भाटापारा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का रायपुर रेल मंडल रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, तेज, दक्ष बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का विस्तार कर रहा है। इसी क्रम में 24 जुलाई 2026 को भाटापारा–हथबंद रेलखंड में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली सफलतापूर्वक शुरू की गई।
इससे इस व्यस्त रेलखंड की संचालन क्षमता बढ़ी। ट्रेनों का संचालन पहले से अधिक सुगम, सुरक्षित, समय पर होने लगा। पहले इस सेक्शन में इंटरमीडिएट ब्लॉक प्रणाली चल रही थी। ऑटोमेटिक सिग्नलिंग लागू होने के बाद अब एक समय में अधिकतम ट्रेनों का संचालन संभव हो गया। ट्रैक में किसी तरह का भौतिक बदलाव नहीं किया गया। इसके बाद भी सेक्शन की क्षमता बढ़ी। इंटरमीडिएट ब्लॉक प्रणाली में हर ट्रेन के संचालन के लिए दोनों स्टेशनों के स्टेशन मास्टरों को उपलब्ध संचार माध्यम से संपर्क करना पड़ता था। लाइन क्लियर लेना पड़ता था।
लाइन क्लियर देना पड़ता था। इसके बाद तय प्रक्रिया के अनुसार सिग्नल दिए जाते थे। ऑटोमेटिक सिग्नलिंग में लाइन क्लियर लेने, देने की जरूरत खत्म हो गई। सिग्नल ट्रैक सर्किट या एक्सल काउंटर से ट्रैक की वास्तविक स्थिति के अनुसार अपने आप संचालित होते हैं। इससे परिचालन अधिक सुचारु होता है। देरी की संभावना कम होती है।
अधिक ट्रेनों का सुरक्षित, तेज संचालन संभव होता है। रायपुर रेल मंडल में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का विस्तार चरणबद्ध तरीके से दुर्ग–मांढर, दाधापारा–हथबंद में पहले हो चुका है। अब भाटापारा–हथबंद रेलखंड में भी यह प्रणाली शुरू हो गई। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए मंडल में इसका विस्तार आगे भी जारी रहेगा। अगले चरण में मांढर–हथबंद, रायपुर–लखोली रेलखंडों में यह प्रणाली लागू की जाएगी। रायपुर रेल मंडल आधुनिक सिग्नलिंग, उन्नत तकनीक, अत्याधुनिक परिचालन प्रणालियों से रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। यात्रियों, मालगाड़ियों के लिए सुरक्षित, तेज, भरोसेमंद रेल सेवाएं देने का दावा किया गया।






