भारी बारिश का अलर्ट, 80 किमी की रफ्तार से चल सकती है हवा

28 अक्टूबर को रेड और 29 अक्टूबर को ऑरेंज अलर्ट, प्रदेश के 1769 संवेदनशील गांव चिह्नित; आपदा से निपटने प्रशासन अलर्ट

बलौदाबाजार। चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से बलौदाबाजार जिले में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका बढ़ गई है। मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर के लिए रेड अलर्ट और 29 अक्टूबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान जिले के कुछ हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश के साथ 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

मंगलवार सुबह से ही जिले में आसमान पर बादल छाए रहे। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई और ठंडी हवाएं चलती रहीं। चक्रवात के प्रभाव से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की आशंका है। प्रदेश के 12 जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

1769 संवेदनशील गांव चिह्नित, प्रशासन अलर्ट

संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए राज्यभर में 1769 संवेदनशील गांवों को चिह्नित किया गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा ने अधिकारियों को जनसुरक्षा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने की व्यवस्था की गई है। नागरिकों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1070 जारी किया गया है।

प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और जोखिम से बचने की अपील की है। विशेष रूप से रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।

पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह

तेज हवाओं और बारिश के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि आंधी के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े होने से बचें। खराब मौसम में खुले स्थानों पर जाने से भी परहेज करें।

बिजली चमकने के दौरान विशेष सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की अपील की गई है। तेज हवा के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए सतर्कता जरूरी है।

किसानों की बढ़ी चिंता, कटी फसल सुरक्षित रखने की सलाह

मौसम में बदलाव से खेती-किसानी से जुड़े लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि जिनकी फसल कट चुकी है, वे उसे खुले खेतों में छोड़ने के बजाय सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखें। वहीं, उद्यानिकी फसलों को तेज हवा और बारिश से नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में किसानों को आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की सलाह दी गई है।

आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवात

मौसम विशेषज्ञ डॉ. एनपी थॉमस के मुताबिक, मंगलवार तक चक्रवात अर्नब विशाखापट्टनम तट से लगभग 300 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित था। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा और आंध्र प्रदेश के बापटला तथा विशाखापट्टनम तट के बीच तट से टकराया।

तट से टकराने के बाद चक्रवात कमजोर पड़ते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन रही है। रेड अलर्ट वाले जिलों में हवा की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।

मौसम की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी तरह का अनावश्यक जोखिम नहीं लेने की अपील की गई है।

Hot Topics

Related Articles