Friday, February 27, 2026
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    भूपेश बघेल ने बेटे चैतन्य से की मुलाक़ात, ईडी की रिमांड पर जारी है पूछताछ

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में गिरफ्तारी के बाद ईडी की 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से आज उनके पिता और परिवार ने मुलाक़ात की। रायपुर के सुभाष स्टेडियम स्थित ईडी ऑफिस पहुंचे पूर्व सीएम भूपेश बघेल के साथ उनकी पत्नी, चैतन्य की पत्नी, बेटियां और नाती भी मौजूद रहे। मुलाकात के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। सोमवार को चैतन्य की 14 दिन की न्यायिक रिमांड पूरी होने पर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था। उस समय  अदालत ने उन्हें एक दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था। इसके बाद ईडी ने चैतन्य की कस्टोडियल रिमांड की मांग की। 19 अगस्त को विशेष अदालत ने ईडी की अर्जी मंज़ूर कर चैतन्य को 23 अगस्त तक ईडी रिमांड पर भेज दिया। ईडी का कहना है कि इस दौरान वह उनसे शराब घोटाले से जुड़ी नई कड़ियों और कथित वित्तीय लेन-देन पर गहन पूछताछ करेगी। जन्मदिन पर हुई थी गिरफ्तारी 21 जुलाई को ईडी रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि 18 जुलाई को उनके जन्मदिन पर चैतन्य बघेल को भिलाई स्थित निवास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत हुई। यह मामला एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुआ, जिसमें IPC की धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत जांच की गई थी। ईडी के अनुसार, इस घोटाले से प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये का  अवैध लाभ (प्रॉसीड्स ऑफ क्राइम- POC) विभिन्न लाभार्थियों तक पहुंचाया गया। जांच में सामने आया कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये की पीओसी प्राप्त हुई, जिसे उन्होंने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों के ज़रिये मिलाने का प्रयास किया। बताया गया कि उन्होंने इस नकद राशि का उपयोग अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में किया। ठेकेदारों को नकद भुगतान और नकदी के बदले बैंकिंग प्रविष्टियों से यह धन घुमाया गया। साथ ही, उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर एक योजना बनाई, जिसके तहत “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैट खरीद के नाम पर लगभग 5 करोड़ रुपये अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त किए गए।

     

     

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