बिलासपुर/मस्तूरी:-मस्तूरी थाने में मोबाइल चोरी की शिकायत दर्ज कराने पहुंचे एक व्यक्ति से पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट, अभद्र व्यवहार और कार्रवाई का डर दिखाकर पांच हजार रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत की और थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है। शिकायत के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने मंगलवार को मस्तूरी थाना प्रभारी सलीम खाखा को चकरभाठा सीएसपी कार्यालय में अटैच कर दिया। वहीं निरीक्षक कपिल चंद्रा को मस्तूरी थाने की कमान सौंपी गई है। बिल्हा क्षेत्र के पत्थरखान में रहने वाले नकुल कुमार मांडरे आटो से गांव-गांव फेरी लगाकर साड़ी बेचते हैं।
उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को वह मस्तूरी क्षेत्र में साड़ी बेचने गया था। रास्ते में शराब पीने के बाद वह अपनी गाड़ी में सो गया। इसी दौरान उसका मोबाइल चोरी हो गया। नींद खुलने पर मोबाइल गायब मिलने के बाद वह शिकायत दर्ज कराने मस्तूरी थाने पहुंचा। उसने ड्यूटी पर मौजूद मुंशी शिवचरण मरावी को घटना बताई।
पुलिस का अभद्र व्यवहार शराब का डर और मारपीट
फार्म भरकर देने के बाद उसने शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया। इस दौरान थाने में मौजूद आरक्षक दिनेश निराला, शिवचरण मरावी और नीतीश बंजारे ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। उसका ब्रीथ एनालाइजर से परीक्षण कर शराब सेवन के मामले में कार्रवाई का डर दिखाया गया।
कैश और फोन-पे से वसूली
इसी दौरान उसकी जेब से दो हजार रुपये और वाहन की चाबी निकाल ली गई तथा कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए। बाद में तीन हजार रुपये और मांगे गए। उसने पत्नी के फोन-पे से एक खाते में रकम ट्रांसफर की। उसका कहना है कि रुपये देने के बाद ही उसे थाने से छोड़ा गया।
मामले की शिकायत एसएसपी कार्यालय में
उसने पूरे मामले की शिकायत एसएसपी कार्यालय में की है। इस पर एसएसपी रजनेश सिंह ने मस्तूरी थाना प्रभारी निरीक्षक सलीम खाखा को चकरभाठा सीएसपी कार्यालय में अटैच कर दिया। वहीं निरीक्षक कपिल चंद्रा को मस्तूरी थाने की कमान सौंपी गई है।
डीएसपी कर रहे हैं मामले की जांच
डीएसपी सुदीप सरकार ने बताया कि फेरी वाले की शिकायत मिली है। इसके आधार पर जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि शिकायतकर्ता जब थाने पहुंचा तो वह शराब के नशे में धुत था। इससे पहले ही उसके मोबाइल को किसी ने चुरा लिया था। जांच के बाद मामला स्पष्ट होगा। पूरे मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।








