संदीप यादव मुंगेली। मुंगेली के मिशन अस्पताल में मानव संसाधन और सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर काम करवाने का गंभीर आरोप सामने आया है। अस्पताल में पिछले लगभग 7 वर्षों से ड्राइवर के पद पर कार्यरत बिहारी यादव के साथ कथित तौर पर बड़ी लापरवाही बरती गई है। आरोप है कि ड्राइवर पद पर होने के बावजूद उनसे अक्सर जोखिम भरे अन्य काम भी करवाए जाते हैं।
बताया जा रहा है कि आज सुबह अस्पताल परिसर में पेड़ की कटाई का काम चल रहा था। इसके लिए बिहारी यादव को बुलाकर पेड़ पर चढ़कर डालियां काटने के लिए कहा गया। पीड़ित के अनुसार उन्होंने स्पष्ट रूप से मना किया कि यह काम उनका नहीं है और उन्हें इसका अनुभव भी नहीं है। आरोप है कि इसके बावजूद प्रबंधन ने उनकी बात नहीं सुनी और दबाव बनाकर जबरदस्ती पेड़ पर चढ़ा दिया।
पेड़ पर चढ़ने के कुछ ही देर बाद संतुलन बिगड़ने से वह सीधे नीचे लगे टीन के शेड पर गिर गए। बताया जा रहा है कि उस टीन शेड में पहले से ही बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा था। टीन पर गिरते ही बिहारी करंट की चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलस गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बिजली बंद कर उन्हें बाहर निकाला।
अब पीड़ित ने खुद दर्द बयां किया है। उनका कहना है कि छोटी जाति का होने के कारण उनके साथ भेदभाव किया जाता है और उनसे पद से अलग काम भी करवाए जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें वेतन कम दिया जाता है और वर्ष 2023 से अब तक उनका वेतन नियमित रूप से नहीं मिला है। बिहारी ने बताया कि उनके परिवार में तीन छोटे बच्चे, पत्नी और बूढ़े मां-बाप हैं। यदि उन्हें कुछ हो जाता तो परिवार का पालन-पोषण कौन करता?
परिजनों की मांग – इलाज, बकाया वेतन और कार्रवाई
पीड़ित के परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन उनका पूरा इलाज करवाए। जो रुकी हुई वेतन है, उसे तत्काल दिया जाए। जब तक बिहारी काम करने के लायक नहीं हो जाते, तब तक उन्हें पूरा वेतन दिया जाए। परिजनों ने मांग की है कि बिहारी ड्राइवर पोस्ट पर हैं तो उनसे सिर्फ ड्राइवरी का ही काम करवाया जाए और उचित मुआवजा दी जाए , अन्य जोखिम भरे काम न करवाए जाएं। साथ ही इस घटना के जिम्मेदार लोगों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पीड़ित का उपचार जारी है। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का आधिकारिक बयान आना बाकी है। AG खबर दोनों पक्षों को रखने के लिए प्रतिबद्ध है, प्रबंधन का पक्ष आने पर उसे भी प्रमुखता से दिखाया जाएगा।






