संदीप यादव मुंगेली-कवर्धा मुख्य मार्ग पर चातरखार के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार महिला की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में ट्रक क्रमांक जीजे 27 टीजी 8156 की भूमिका सामने आई है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण की धीमी गति, कथित खराब गुणवत्ता और निर्माणाधीन मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुंगेली-कवर्धा मुख्य मार्ग पर चातरखार के पास यह दुर्घटना हुई। हादसा इतना गंभीर था कि बाइक सवार महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस घटना ने एक बार फिर निर्माणाधीन सड़कों पर यातायात की सुरक्षा और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए किए जा रहे इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुंगेली-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मार्ग पर निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं होने और सड़क की गुणवत्ता को लेकर उठ रही शिकायतों के बीच वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में निर्माणाधीन मार्ग पर पर्याप्त सुरक्षा संकेत, चेतावनी बोर्ड और यातायात नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम होना बेहद जरूरी है।
हादसे के बाद सड़क निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। साथ ही अधूरे कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। हालांकि सड़क निर्माण की लापरवाही ही इस दुर्घटना का प्रत्यक्ष कारण थी या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दूसरा हादसा: नहर में बहा 6 वर्षीय मासूम, 22 घंटे बाद 8 किलोमीटर दूर मिला शव
दूसरी हृदयविदारक घटना मुंगेली जिले के ग्राम गौछा में सामने आई है। घर का कचरा फेंकने निकला छह वर्षीय मासूम अचानक नहर में बह गया। परिजनों और प्रशासनिक अमले ने बच्चे की तलाश शुरू की। करीब 22 घंटे तक चले खोज अभियान के बाद घटनास्थल से लगभग आठ किलोमीटर दूर मासूम का शव बरामद किया गया। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम गौछा निवासी छह वर्षीय बच्चा घर का कचरा फेंकने के लिए निकला था। इसी दौरान नहर के पास उसका पैर फिसल गया और वह पानी के तेज बहाव में बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सामने आने की जानकारी भी मिली है। फुटेज से घटना की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलने की बात कही जा रही है। उधर परिजन भी बच्चे को खोजने में जुटे रहे और प्रशासनिक टीमों ने तलाश अभियान जारी रखा।
मासूम की तलाश के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), नगर सेना, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें जुटी रहीं। नहर के बहाव वाले क्षेत्र में लगातार खोजबीन की गई। करीब 22 घंटे की मशक्कत के बाद घटनास्थल से लगभग आठ किलोमीटर दूर बच्चे का शव बरामद हुआ।
शव मिलने की खबर से परिजनों की बची हुई उम्मीदें भी टूट गईं। जिस मासूम की सुरक्षित घर वापसी के लिए परिवार और ग्रामीण प्रार्थना कर रहे थे, उसकी मौत की खबर ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। छह साल की छोटी-सी उम्र में बच्चे की इस तरह दर्दनाक मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। इस घटना ने नहर के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।






