मुंगेली में IMD का रेड अलर्ट: 3 दिन भारी बारिश, बाढ़ का खतरा, स्कूल बंद

  • कलेक्टर ने सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द की, जीवनदायिनी नदियों पर खतरा

मुंगेली(रिपोर्टर: संदीप यादव)आगामी 3 दिनों तक मुंगेली जिले में मौसम बेहद खराब रहने वाला है। मौसम विभाग ने ‘अत्यंत भारी बारिश’ के साथ तेज गरज-चमक और बिजली गिरने को लेकर जिले के लिए *रेड अलर्ट* जारी किया है। लगातार हो रही बारिश से *आगर, मनियारी, शिवनाथ, तेसुआ और रहन नदियों* के उफान पर आने और लोरमी स्थित खुड़िया बांध में पानी भरने की आशंका के चलते प्रशासन भी एक्शन मोड में आ गया है।

*पूरे जिले में लागू हुआ इमरजेंसी SOP*

स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर *कुंदन कुमार* ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत पूरे जिले में आपातकालीन व्यवस्था लागू कर दी है। आदेश जारी होते ही सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं।

*शनिवार को बंद रहेंगे सभी स्कूल*

बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने *18 जुलाई शनिवार* को जिले के सभी सरकारी, निजी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का फैसला लिया है।

*जीवनदायिनी नदियों की निचली बस्तियों पर खतरा*

पिछले 24 घंटे में हुई बारिश से *मुंगेली की जीवनदायिनी आगर नदी* और *लोरमी की जीवनदायिनी मनियारी नदी* सहित शिवनाथ, तेसुआ और रहन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। जिससे इन नदियों के किनारे बसी निचली बस्तियों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। नगर पालिका को नालियों की सफाई और डी-वॉटरिंग पंप तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं लोरमी का खुड़िया बांध भी तेजी से भर रहा है। जल संसाधन विभाग को हर घंटे जलस्तर की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

*स्वास्थ्य और राहत दल तैयार*  

स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टीम और एम्बुलेंस को 24 घंटे अलर्ट पर रखा है। सांप काटने की घटनाएं बढ़ने की आशंका को देखते हुए सभी अस्पतालों में एंटी-वेनम का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है। मुंगेली, लोरमी और पथरिया में कंट्रोल रूम शुरू कर दिए गए हैं।

*प्रशासन की अपील: सावधानी सबसे जरूरी*

कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि- 

1. बारिश और बिजली के दौरान घरों से बाहर न निकलें।

2. नदी-नालों और बहते पानी वाले रपटों को पार न करें।

3. पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें। 

4. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दें।

जिले में पिछले 14 साल में इस तरह का रेड अलर्ट कम ही देखने को मिला है। प्रशासन का कहना है कि अगले 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं।

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