मुलाहिजा कराने लगानी पड़ रही 30 किलोमीटर की दौड़

सीपत अस्पताल में डाक्टर नहीं

बिलासपुर/सीपत:– सीपत सरकारी अस्पताल में डाक्टर की पोस्टिंग नहीं होने से पुलिस को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित लोगों का मुलाहिजा कराने के लिए पुलिसकर्मियों को 30 किलो मीटर दूर मस्तूरी सरकारी अस्पताल जाना पड़ रहा है। वहीं मस्तूरी में मुलाहिजा कराने के बाद बिलासपुर आकर जिला न्यायालय में पेश करने पर 60 किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार सीपत थाने में प्रतिदिन करीब 10 लोगों को मुलाहिजा कराना पड़ता है, जिसके लिए पुलिसकर्मियों को जिसके स्वास्थविसका दौर लगानी पड़ती है। सबसे बड़ी मुसीबत तब होती है, जब गंभीर मामले के आरोपी को मुलाहिजा कराने के बाद जिला न्यायालय में पेश करना पड़ता है। मुलाहिजा के बाद न्यायलय में आरोपी को पेश करने के लिए 60 किलो मीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। एसपी आफिस से कई बार सीपत अस्पताल में डाक्टर की पोस्टिंग करने पत्राचार किया जा चुका है, उसके बाद भी अस्पताल में डाक्टर की पोस्टिंग नहीं की जा रही है।

जयरामनगर रेलवे फाटक बड़ी बाधा

सीपत पुलिस किसी भी मामले में आरोपी को गिरफ्तार करती है तो उसे मुलाहिजा कराने मस्तूरी अस्पताल लेकर जाती है। वहां मुलाहिजा कराने के बाद जिला न्यायालय के लिए रवाना होती है। इन पुलिसकर्मियों को जयराम नगर रेलवे फाटक बंद होने से घण्टों फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता है। इससे उन्हें समय में आरोपी को जिला न्यायालय में पेश करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार जिला न्यायलय पहुंचने में देरी होने पर आरोपी को फिर से थाना लेकर जाना पड़ जा रहा है।

बहुत परेशानी हो रही

लंबे समय से सीपत प्राथमिक स्वास्थ केंद्र में डाक्टर की पोस्टिंग नहीं है, जिससे लोगों को मुलाहिजा कराने के लिए मस्तूरी स्वास्थ केंद्र ले जाना पड़ता है। मुलाहिजा कराने के बाद समय पर आरोपी को जिला न्यायालय में पेश करने में परेशानी होती है। एसपी आफिस से कई बार अस्पताल में डाक्टर की पोस्टिंग करने पत्राचार किया गया है।

 

– राजेश मिश्रा सीपत टीआई

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