कमीशन के लालच में ठगों को दिया बैंक खाता और एटीएम कार्ड, ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल हुआ अकाउंट
बलौदाबाजार। साइबर ठगी के मामलों में बैंक खातों के दुरुपयोग का एक और मामला सामने आया है। बिलासपुर पुलिस की जांच में एक म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए पांच राज्यों में हुई साइबर ठगी का कनेक्शन मिला है। आरोप है कि बलौदाबाजार जिले के एक युवक ने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता और एटीएम कार्ड साइबर ठगों को सौंप दिया था। इस खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने और उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
केंद्र सरकार से मिले इनपुट के बाद शुरू हुई जांच
डीएसपी क्राइम सुदीप सरकार के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय रायपुर से मिले निर्देश के बाद संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की जांच शुरू की गई थी। भारत सरकार के समन्वय पोर्टल (JMIS) पर संबंधित खाते की जानकारी खंगालने के दौरान पांच साइबर शिकायतें सामने आईं। इसके बाद बैंक खाते के लेन-देन की विस्तृत जांच की गई।
बैंक स्टेटमेंट की पड़ताल में पता चला कि खाते में साइबर ठगी से जुड़ी रकम के अलावा अन्य राशि भी जमा हुई थी। खाते से यूपीआई (UPI) और एटीएम के जरिए पैसे ट्रांसफर करने तथा नकदी निकालने के साक्ष्य भी मिले। इसके बाद पुलिस ने खाते से जुड़े संदिग्ध लेन-देन की जांच आगे बढ़ाई।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते में जमा हो रही थी ठगी की रकम
पुलिस जांच में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक खाते में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का पता चला। जांच के अनुसार, देश के पांच राज्यों में साइबर ठगी के शिकार लोगों से संबंधित रकम इस खाते में जमा कराई गई थी।
पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम खाते में पहुंचते ही उसे यूपीआई और एटीएम के माध्यम से निकालने या दूसरे खातों में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती थी। रकम को तेजी से इधर-उधर करने का उद्देश्य बैंक खाते को फ्रीज किए जाने या पुलिस की कार्रवाई से पहले पैसे को आगे पहुंचाना था।
कमीशन के लालच में सौंपा बैंक खाता और एटीएम कार्ड
पुलिस के अनुसार, बलौदाबाजार जिले के परसाडीह वार्ड क्रमांक-4 निवासी बलवन घृतलहरे पर आरोप है कि उसने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता और एटीएम कार्ड साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। इस खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध से प्राप्त रकम के लेन-देन में किया जा रहा था।
जांच में पुलिस को संदेह है कि आरोपी ने ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने और उसे निकालने में मदद की। म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठग अपनी पहचान छिपाकर अवैध रकम का लेन-देन करते हैं।
मस्तूरी पुलिस की जांच के बाद गिरफ्तारी
मामले की जांच मस्तूरी थाना क्षेत्र के मल्हार पुलिस सहायता केंद्र के माध्यम से की गई। जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब खाते से जुड़े लेन-देन और पांच राज्यों में दर्ज साइबर शिकायतों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी से प्राप्त रकम को जमा करने, निकालने या दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। कई बार खाताधारक कमीशन के लालच में अपना खाता, एटीएम कार्ड या बैंकिंग संबंधी जानकारी दूसरों को सौंप देते हैं। ऐसे मामलों में खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
पुलिस की अपील: किसी भी व्यक्ति को कमीशन या कमाई का लालच देकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी या बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें। खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी में होने पर खाताधारक को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।






