रविवि में भर्ती विवाद : अतिथि व्याख्याताओं का आरोप- स्थानीय योग्य उम्मीदवारों की उपेक्षा, बाहरी को मौका, कांग्रेस ने चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

रायपुर।पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में बीते वर्षों से जारी शिक्षकों की भर्ती को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि विश्वविद्यालय में स्थानीय योग्य उम्मीदवारों को दरकिनार कर बाहर के अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जा रही है। इसे लेकर विश्वविद्यालय में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं में भारी आक्रोश है और उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने की मांग करने के साथ ही उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं कांग्रेस ने भी चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़ा करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद से जवाब मांगा है।

अभ्यर्थियों की ओर से मांग उठाई जा रही है कि विश्वविद्यालय भर्ती प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करें। इसमें विभागवार रिक्तियों की संख्या, आरक्षण की स्थिति, पात्रता मानदंड, शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया, शोध एवं शिक्षण अनुभव के मूल्यांकन का तरीका, साक्षात्कार के अंक तथा अंतिम चयन के आधार जैसी सूचनाएं शामिल हैं। यहां के अतिथि शिक्षकों की भर्ती में जब पूरा अंक वेबसाइट पर दिखाया जाता है तो इतने महत्वपूर्ण पदों में पारदर्शिता क्यों नहीं बरती जा रही हैl

अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि छत्तीसगढ़ के किसी पात्र अभ्यर्थी को केवल उसके राज्य से संबंधित होने के कारण अवसर से वंचित किया गया है तो इस संबंध में विश्वविद्यालय को स्पष्ट स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए। इसी प्रकार यदि किसी विशेष राज्य के अभ्यर्थियों को कोई वैधानिक प्राथमिकता प्राप्त है तो उसका स्पष्ट कानूनी एवं नियामक आधार भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। अकादमिक समुदाय का मानना है कि विश्वविद्यालय जैसी उच्च शिक्षण संस्था में नियुक्तियां केवल योग्यता, निर्धारित पात्रता, अकादमिक उपलब्धियों, शोध कार्य, शिक्षण अनुभव तथा पारदर्शी चयन प्रक्रिया के आधार पर होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की अनाधिकृत क्षेत्रीय प्राथमिकता या भेदभाव की स्थिति विश्वविद्यालय की संस्थागत विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है।

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