विश्वनाथ देवांगन , राजनांदगांव ।संस्कारधानी राजनांदगांव में कृष्ण जन्माष्टमी के बाद से लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में दहीहंडी के आयोजन किए जा रहे हैं। त्योहारों का उत्साह अपनी जगह है, लेकिन इन आयोजनों के लिए शहर की प्रमुख सड़कों और मार्गों को बंद किए जाने से अब आम जनता के साथ-साथ व्यापारियों की परेशानियां भी बढ़ती नजर आ रही हैं।
एक ओर दहीहंडी आयोजन के चलते रास्ते बंद किए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर बिजली विभाग के मेंटेनेंस कार्य के कारण भी कई जगहों पर आवाजाही प्रभावित हो रही है। वहीं गणेश उत्सव के लिए लगाए जा रहे पंडाल और शहर में कमजोर यातायात व्यवस्था ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
त्योहारों का सीजन होने के कारण बाजारों में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में बार-बार सड़क बंद होने और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। इसका सीधा असर व्यापारियों के कारोबार पर भी पड़ रहा है। व्यापारियों का सवाल है कि जब त्योहारों के समय बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ती है, तो ऐसे समय में लगातार रास्ते बंद होने से आखिर व्यापार कैसे चलेगा?
बताया जा रहा है कि आज शहर में दो से तीन अलग-अलग स्थानों पर दहीहंडी के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन आयोजनों की अनुमति आखिर किस स्तर से दी जा रही है? क्या अनुमति देने वाले अधिकारियों को इस बात की जानकारी नहीं होती कि सड़क बंद होने से आम लोगों, स्कूली बच्चों, मरीजों, वाहन चालकों और व्यापारियों को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है?
आयोजन होना चाहिए, लेकिन आम जनता की सुविधा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए। अब सवाल यही है कि संस्कारधानी में आखिर कब तक इसी तरह सड़कों को बंद कर दहीहंडी के आयोजन चलते रहेंगे और आम जनता परेशान होती रहेगी?








