राजनांदगांव में चोरी का अनाज खरीदने वाले दो व्यापारी गिरफ्तार

राजनांदगांव। राजनांदगांव पुलिस ने ममता नगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित अनाज गोदाम में हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी का अनाज खरीदने वाले दो व्यापारियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 लाख 43 हजार रुपये से अधिक की नगदी और अनाज बरामद किया है। इससे पहले चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के अनुसार, मार्च 2026 में ममता नगर औद्योगिक क्षेत्र के एक अनाज गोदाम से चना खंडा, सोयाबीन और मसूर सहित करीब 4.50 लाख रुपये मूल्य का अनाज चोरी हो गया था। गोदाम संचालक की शिकायत पर सिटी कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 286/2026 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेण्डर किरों के मार्गदर्शन और कोतवाली थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल की जांच की।  साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और मुखबिरों से भी जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान पुलिस ने पहले मुख्य आरोपी राहुल कुर्रे और दिनेश साहू को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी। उनके कब्जे से चोरी के अनाज की बिक्री से प्राप्त 7,900 रुपये भी बरामद किए गए थे। बाद में दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। जेल में पूछताछ के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि चोरी का अनाज स्थानीय व्यापारियों को बेचा गया था। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए खरीददारों की तलाश शुरू की। साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने दो व्यापारियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवेन्द्र साहू (35 वर्ष), निवासी ग्राम बरगाही और जयंत कुमार अग्रवाल (50 वर्ष), निवासी शांति नगर ढाबा रोड के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के ठिकानों पर कार्रवाई कर चोरी के माल से जुड़े साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से 29 किलोग्राम सोयाबीन, 5 किलोग्राम चना तथा 2 लाख 42 हजार 500 रुपये नगद बरामद किए गए हैं।  जब्त की गई सामग्री और नगदी की कुल कीमत 2 लाख 43 हजार 960 रुपये आंकी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामला केवल चोरी तक सीमित नहीं है। बल्कि चोरी के माल की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी का अनाज किन-किन लोगों तक पहुंचा और इसमें अन्य कौन लोग शामिल थे। पुलिस ने दोनों व्यापारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया है। वहीं मामले में आगे भी पूछताछ और जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे चोरी के माल की खरीद-बिक्री करने वाले नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिली है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि चोरी का सामान खरीदने या बेचने वालों के खिलाफ भी कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी

 

 

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