रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार तड़के सहायक शिक्षक भर्ती के सैकड़ों D.Ed अभ्यर्थियों ने अपनी लंबित नियुक्तियों को लेकर एक बड़ा मोर्चा खोल दिया। करीब 321 दिनों से नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे इन अभ्यर्थियों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। वे सुबह-सुबह सीधे स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के सरकारी बंगले पर जा पहुंचे और वहां अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
परिवार और बच्चों के साथ बंगले के भीतर धरने पर बैठे अभ्यर्थी
इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि आंदोलनकारी अकेले नहीं आए थे, बल्कि उनके साथ बुजुर्ग माता-पिता, महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल थे। करीब 400 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के बंगले का घेराव किया और परिसर के भीतर ही जमीन पर बैठकर धरने पर बैठ गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले 10 महीनों से लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार और विभाग की ओर से उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन मिल रहे हैं, जिससे तंग आकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित करने पर अड़ा रहा संघ
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि सहायक शिक्षक भर्ती-2023 के तहत बचे हुए 2,300 खाली पदों पर भर्ती की दूसरी सूची तुरंत जारी की जाए। वे इस बात पर अड़े रहे कि जब तक शासन स्तर से नियुक्ति की कोई ठोस और निश्चित तारीख घोषित नहीं की जाती, तब तक वे मंत्री बंगले से टस से मस नहीं होंगे। अभ्यर्थियों ने साफ किया कि लंबे इंतजार के कारण उनका मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न हो रहा है, इसलिए अब वे बिना किसी लिखित या पक्के आदेश के पीछे नहीं हटेंगे।
पुलिस ने जबरन बसों में भरकर अभ्यर्थियों को मौके से हटाया
तड़के हुए इस अचानक घेराव से बंगले के बाहर सुरक्षा व्यवस्था में हड़कंप मच गया। मौके पर तुरंत भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को समझाने और शांत कराने का काफी प्रयास किया, लेकिन जब आंदोलनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे, तो पुलिस को सख्त कदम उठाना पड़ा। सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों, महिलाओं और उनके परिजनों को जबरन उठा-उठाकर बसों में भरना शुरू किया और उन्हें वहां से हटाकर दूर भेज दिया। प्रदर्शन के समय शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बंगले पर मौजूद नहीं थे।









