जब से सुप्रीम कोर्ट ने कार्यरत शिक्षको के लिए टेट अनिवार्य किया है, छत्तीसगढ के अधिकांश शिक्षक संगठनों के द्वारा विभागीय टेट परीक्षा कराने के लिए शासन से मांग किया जा रहा है या फिर जो शिक्षक व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षा दिलाकर शासकीय सेवा में आए हैं उन्हें टेट से छूट की भी मांग की जा रही है, परंतु क्या विभागीय टेट कराया जा सकता है? क्या परीक्षा के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों को टेट से छूट मिल सकती है? इन सब प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए हमने कई शिक्षाविदों से चर्चा कर निष्कर्ष निकालने का प्रयास किया है।
विभागीय टेट जैसा कुछ नहीं- एनसीटीई (NCTE) की गाइडलाइंस और आरटीई (RTE) अधिनियम के नियमों के तहत ‘विभागीय टेट’ (Departmental TET) या किसी भी प्रकार के विशेष टेट का कोई प्रावधान नहीं है। पात्रता के लिए स्वतंत्र एजेंसी जैसे व्यापम या मंडल द्वारा आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता ही मान्य है। अर्थात चाहे नयी भर्ती के लिए हो या सेवा मे बने रहने के लिए या पदोन्नति के लिए शिक्षको को व्यापम या मंडल द्वारा आयोजित टेट ही दिलाना पड़ेगा।
यह अलग बात है कि कुछ राज्य विभागीय टेट के लिए विचार कर रहे हैं या नोटिफिकेशन भी जारी कर दिए हैं, हो सकता है उक्त बातों से NCTE अभी तक अनिभिज्ञ हो या टेट उत्तीर्ण शिक्षक हाईकोर्ट का रूख कर रोक लगवाने का प्रयास कर सकते हैं क्योंकि वर्तमान में शिक्षक समुदाय दो धड़ों में बंटा हुआ है एक टेट वाले और दूसरा नान टेट वाले।
परीक्षा के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों को छूट-परीक्षा के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों को छूट के लिए शासन को कोर्ट और NCTE के रूख पर निर्भर होना पडेगा और वर्तमान में शिक्षा के सुदृढीकरण के लिए जिस प्रकार से प्रयास किए जारहे हैं उस हिसाब से यह भी असंभव सा प्रतीत होता है।














