भाटापारा। शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए शिक्षिका कविता शर्मा को प्रतिष्ठित ‘मानद डॉक्टरेट’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान स्टार्टअप शिक्षा इंडिया, नई दिल्ली द्वारा, एग्जामिनेशन बोर्ड ऑफ इंडियन आर्ट एंड कल्चर के अकादमिक एवं सांस्कृतिक सलाहकार बोर्ड की औपचारिक स्वीकृति एवं अनुशंसा के पश्चात प्रदान किया गया।
इस अवसर पर एस.एस. ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस, जांजगीर-चांपा के चेयरमैन डॉ. राघवेन्द्र पाण्डेय ने कविता शर्मा को हॉनरेरी डॉक्टरेट का सम्मान-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
यह सम्मान शिक्षा एवं सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में कविता शर्मा द्वारा किए जा रहे निरंतर, समर्पित एवं उल्लेखनीय कार्यों की औपचारिक मान्यता के रूप में प्रदान किया गया है। वह शिक्षिका के रूप में अपनी जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए इससे पूर्व भी शिक्षा विभाग सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद कविता शर्मा ने कहा, “शिक्षा और समाज की सेवा करना मेरे जीवन के मूल स्तंभ हैं। यह सम्मान मेरे लिए गर्व के साथ-साथ एक नई जिम्मेदारी भी है। यह सम्मान मुझे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।”
कविता शर्मा की इस उपलब्धि पर उनके सहकर्मियों, शुभचिंतकों एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।








