सरकारी खजाने पर डाका, बिलासपुर में सर्पदंश के बाद लू की मौतों पर फर्जीवाड़ा, 16 मामलों में बांटे गए 64 लाख

बिलासपुर(कमलकांत पाटनवार):- जिले में सर्पदंश मुआवजा घोटाले की जांच अभी चल ही रही है, इस बीच अब लू मुआवजा वितरण में भी फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आ रहा है। जिले में लू से मौत के 16 प्रकरणों में चार-चार लाख रुपये की दर से 64 लाख रुपये बांटे गए हैं। विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। जांच में फर्जी दस्तावेजों से राशि हड़पने के संकेत मिले हैं।राजस्व और राहत मद में सरकारी राशि के बंदरबांट की परतें लगातार खुल रही हैं। सर्पदंश प्रकरणों में हुए 17 करोड़ से अधिक के फर्जीवाड़े की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि अब लू से हुई मौतों के नाम पर बांटे गए मुआवजे में भी भारी हेराफेरी सामने आ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, जिले में अब तक लू से मृत्यु के कुल 16 मामलों में पीड़ितों के स्वजन को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा वितरित किया गया है।वर्तमान में इन प्रकरणों की प्रामाणिकता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विधानसभा में मामला उठने के बाद शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जांच बैठा दी है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक पड़ताल में ही कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। कुछ प्रकरणों में फर्जी मेडिकल रिपोर्ट, झूठे पंचनामा और अपात्रों के दस्तावेज लगाकर लाखों रुपये की बंदरबांट की गई है। पूरे खेल में कई बिचौलिए और विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। जांच टीम अब सभी 16 मामलों की फाइलें, मृत्यु प्रमाण पत्र और बैंक खातों के लेन-देन को खंगाल रही है। मामले में जो भी आरोपित पाए जाएंगे, उन पर कानूनी व विभागीय कार्रवाई हो सकती है।

विकासखंडवार दर्ज प्रकरण

जिले में वर्ष 2022-23 के दौरान बिल्हा ब्लाक में लू से मृत्यु का केवल एक मामला दर्ज हुआ था। वहीं, वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा तेजी से बढ़कर 15 पहुंच गया। इनमें बिलासपुर शहर में 7, कोटा ब्लाक में 5, बिल्हा में 2 और तखतपुर में 1 प्रकरण में 4-4 लाख का मुआवजा बांटा गया हैं।

सर्पदंश में अब तक हुई है 21 गिरफ्तारी

साधारण मौत, दुर्घटना, शराब सेवन व फांसी को सर्पदंश बता कर कुछ बिचौलियों ने लगभग 17 करोड से अधिक का घोटाला किया था। मामले में डाक्टर, तहसील कार्यालय के लिपिक, दो नगर सैनिक सिम्स में पदस्थ, अधिवक्ता और मुआवजा प्राप्त करने वालो सहित 21 लोगो को पुलिस ने आरोपित बना कर गिरफ्तार किया है।

सात तहसीलदारों और पांच लिपिकों से होनी है पूछताछ

बहुचर्चित सर्पदंश घोटाले में तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, एडीएम व अन्य की भूमिका की जांच को लेकर पुलिस जांच कर रही है। मामले में अब तक सात तहसीलदार, व पांच लिपिक को नोटिस जारी किया गया हैं, लेकिन अभी तक किसी का बयान दर्ज नहीं हो सका है। अब मामले की जांच राज्य स्तरीय टीम से कराई जाएगी।

अभी इस पूरे मामले में विस्तृत जांच होना बाकी है। किसी भी प्रकरण में यदि गलत तरीके से या फर्जीवाड़ा कर गलत काम किया गया होगा, तो जो भी आरोपित होंगे उन पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। संजय अग्रवाल, कलेक्टर बिलासपुर

Hot Topics

Related Articles