सोनाखान में साइबर जागरूकता कार्यक्रम, पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट और यूपीआई फ्रॉड से बचने के बताए तरीके

एसबीआई फाउंडेशन कोचिंग सेंटर में करीब 50 छात्र-छात्राओं को दी साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी, 1930 हेल्पलाइन की भी दी जानकारी

कसडोल। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा जिलेभर में चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत शैक्षणिक संस्थानों और कोचिंग सेंटरों में लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सोनाखान पुलिस ने एसबीआई फाउंडेशन द्वारा संचालित कोचिंग सेंटर में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम में करीब 50 छात्र-छात्राओं एवं अभ्यर्थियों को डिजिटल युग में होने वाले विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने प्रतिभागियों को डिजिटल अरेस्ट, फेक कॉल, यूपीआई फ्रॉड, जॉब फ्रॉड, पार्ट-टाइम टास्क स्कैम और सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने वाले कॉल से रहें सावधान

पुलिस ने बताया कि साइबर ठग अक्सर पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर लोगों को वीडियो कॉल करते हैं और गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे की मांग करते हैं। ऐसे किसी भी कॉल से घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी सरकारी एजेंसी या पुलिस अधिकारी द्वारा वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे मांगना सामान्य कानूनी प्रक्रिया नहीं है।

यूपीआई और ओटीपी को लेकर किया जागरूक

वित्तीय एवं यूपीआई धोखाधड़ी से बचाव के लिए पुलिस ने बताया कि यूपीआई पिन का उपयोग पैसे भेजने के लिए किया जाता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर QR कोड स्कैन नहीं करने और किसी भी परिस्थिति में अपना OTP, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई।

ऑनलाइन जॉब और पार्ट-टाइम टास्क के नाम पर ठगी से रहें सतर्क

पुलिस ने ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब, वर्क फ्रॉम होम और टास्क पूरा कर कमाई करने के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े से भी सावधान रहने को कहा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई कि बिना सत्यापन के किसी अनजान व्यक्ति या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को पैसे न दें और नौकरी के नाम पर मांगे जाने वाले संदिग्ध भुगतान से बचें।

सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करने की अपील

सोशल मीडिया प्राइवेसी को लेकर पुलिस ने छात्र-छात्राओं को अपनी निजी जानकारी, तस्वीरें और बैंक संबंधी विवरण सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर साझा नहीं करने की सलाह दी। साथ ही सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन खातों में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं एवं अभ्यर्थियों को ‘मैं जागरूक हूं, साइबर क्राइम से मुक्त हूं’ का संकल्प दिलाया गया। साथ ही उन्हें अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने जिले के नागरिकों और युवाओं से अपील की कि वे सतर्क रहें और किसी भी अनजान लिंक, कॉल या ऑनलाइन झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने अथवा नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई।

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