डोंगरगांव, घनश्याम साव। पंडित तुलसी प्रसाद मिश्रा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चिरचारीकला में विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी एवं सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्था की प्राचार्य विमला माहेश्वरी ने विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व से अवगत कराते हुए इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य विमला माहेश्वरी ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। विद्यार्थी स्वयं स्वच्छता के प्रति जागरूक होकर अपने परिवार, विद्यालय एवं समाज में स्वच्छता का सकारात्मक संदेश पहुंचा सकते हैं।
इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं उपस्थित स्टाफ ने “स्वच्छता शपथ” लेकर अपने घर, विद्यालय एवं आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने न स्वयं गंदगी करने और न ही दूसरों को गंदगी करने देने, कचरे को निर्धारित स्थान पर डालने तथा गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने का प्रयास करने की शपथ ली।
भारत का नक्शा बनाकर दिया स्वच्छता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सामूहिक सहभागिता एवं रचनात्मकता का परिचय देते हुए भारत का नक्शा बनाकर उसके माध्यम से स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया कि देश की स्वच्छता केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
भारत के नक्शे के माध्यम से विद्यार्थियों ने “स्वच्छ भारत—स्वस्थ भारत” की भावना को साकार करते हुए स्वच्छता को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संदेश दिया। इस रचनात्मक गतिविधि ने विद्यार्थियों में देशप्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता तथा सामूहिक सहभागिता की भावना को मजबूत किया।
शपथ के माध्यम से विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों एवं पेयजल स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने, नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने, व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने, जल की बर्बादी रोकने तथा जल संरक्षण में सहयोग करने का संकल्प लिया। साथ ही एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को कम करने एवं पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि “स्वच्छ विद्यालय से स्वच्छ परिवार, स्वच्छ परिवार से स्वच्छ समाज और स्वच्छ समाज से स्वच्छ राष्ट्र का निर्माण होता है।” विद्यार्थियों ने स्वच्छता को केवल एक अभियान न मानकर इसे अपने दैनिक जीवन की आदत बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में संस्था के वरिष्ठ व्याख्याता सुलेखा चौरसिया, देवेंद्र साहू,महेश पड़ौती, हीरा गजभिए, रितु मंडावी, गजेंद्र तामेश्वर, शैलेंद्र देवांगन, अंजनी सोनी, सविता सलामे, संतोष निर्मलकर, कमलेश देवांगन ,सहित समस्त स्टाफ उपस्थित थे।
विद्यालय परिवार की इस पहल से विद्यार्थियों में स्वच्छता, अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रप्रेम एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा मिला। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब विद्यार्थी स्वयं स्वच्छता का संकल्प लेते हैं और उसे व्यवहार में उतारते हैं, तो स्वच्छ एवं सुंदर भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम आगे बढ़ता है।








