बिलासपुर (कमलकांत पाटनवार):- जिले के सुदूर वनांचल और पहाड़ी अंचलों में बसे गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सड़कों का व्यापक संजाल बिछाया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत कोटा के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए 173 करोड़ 89 लाख रुपये की लागत से 60 नई सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। लोक निर्माण और पीएमजीएसवाई विभाग द्वारा अब तक 21 सड़कें पूर्ण कर ली गई हैं, जिससे दूरस्थ गांवों की दूरी सिमटने लगी है।
बदलने लगी है कई इलाकों की तस्वीर
वर्षों से कीचड़, पत्थरों और बारिश के मौसम में संपर्क टूटने की मार झेल रहे वनांचल व विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल इलाकों की तस्वीर अब बदलने लगी है। शासकीय प्रगति आंकड़ों के अनुसार पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत कोटा क्षेत्र के पहाड़ी व दुर्गम क्षेत्रों के लिए 97 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से 134 किलोमीटर लंबी 33 सड़कें स्वीकृत की गई थीं। इनमें से 63 करोड़ रुपये से अधिक व्यय कर 69 किलोमीटर लंबी 21 सड़कें सफलतापूर्वक पूरी कराई जा चुकी हैं, जिससे दर्जनों बैगा-पहाड़ी कोरवा बसाहटें पहली बार पक्के संपर्क मार्ग से जुड़ गई हैं।
दूसरी ओर, ग्रामीण यातायात व्यवस्था को और मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-4 के तहत 76 करोड़ 72 लाख रुपये की लागत से 81 किलोमीटर लंबी 27 नई सड़कें स्वीकृत कर काम शुरू कर दिया गया है। राहत की बात यह है कि जिले में स्वीकृत सभी सड़कों पर कार्य चालू है। पक्की सड़कें बनने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार तक पहुंचने में आसानी हो रही है, वहीं आपात स्थिति में एम्बुलेंस का गांव-गांव तक पहुंचना भी संभव हो गया है।
बारिश के मौसम में इलाज के अभाव में मौतों पर लगेगी रोक
कोटा के वनांचल दूरस्थ क्षेत्रों में डामर की पक्की सड़कें बनने से सबसे बड़ा लाभ आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा। अब तक नदी-नालों में उफान और कीचड़ के कारण एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती थी, जिससे समय पर इलाज न मिलने से गर्भवती महिलाओं और मरीजों की जान पर बन आती थी। अब पक्के संपर्क मार्ग से यह समस्या हमेशा के लिए दूर होगी।
वनोपज सीधे पहुंचेगा बाजार
पक्के सड़क नेटवर्क से वनांचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधी संजीवनी मिली है। बैगा और पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोग अब अपने जंगलों से एकत्र महुआ, हर्रा, बहेड़ा और स्थानीय सब्जियों को समय पर नजदीकी मंडियों और शहरों तक पहुंचा सकेंगे। बिचौलियों की निर्भरता खत्म होगी और किसानों को उनकी उपज का पूरा वाजिब दाम मिल सकेगा।
पीएम-जनमन और फेस-4 के तहत स्वीकृत सभी सड़कों पर गुणवत्ता के साथ काम कराया जा रहा है। 21 सड़कें पूरी हो चुकी हैं, ग्रामीण क्षेत्रो में सुगम यातायात की सुविधा होने से स्कूल, स्वास्थ्य सुविधा और लोगों की पहुंच बाजार-बाजार तक आसान हो रही है।संजय अग्रवाल, कलेक्टर बिलासपुर।






