29 पेड़ कटवाने के आरोप में प्रधान पाठक निलंबित

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में स्कूल परिसर में लगे हरे-भरे पेड़ों की कटाई के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरूर विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बड़झूम के प्रधान पाठक डोंगर सिंह निषाद को संभागीय संयुक्त संचालक (जेडी) शिक्षा विभाग दुर्ग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रधान पाठक पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल परिसर में लगे 29 हरे-भरे पेड़ों को बिना सक्षम अनुमति के कटवा दिया। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी बालोद द्वारा जांच कर रिपोर्ट संभागीय कार्यालय को भेजी गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर जेडी दुर्ग ने कार्रवाई करते हुए निलंबन आदेश जारी किया है। संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा विभाग दुर्ग द्वारा 8 जुलाई को जारी आदेश में कहा गया है कि प्रधान पाठक ने विद्यालय विकास समिति के प्रस्ताव के आधार पर स्कूल परिसर में पेड़ों की कटाई कराई, लेकिन इसके लिए उच्च कार्यालय से किसी प्रकार की अनुमति या सूचना प्राप्त नहीं की गई। आदेश में उल्लेख किया गया है कि प्रधान पाठक का यह कृत्य शासकीय कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही, कर्तव्य की उपेक्षा और स्वेच्छाचारिता की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत उन्हें निलंबित किया गया है।  निलंबन आदेश के अनुसार, डोंगर सिंह निषाद का मुख्यालय निलंबन अवधि के दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय डौंडी लोहारा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें शासन के नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। जेडी दुर्ग ने जिला शिक्षा अधिकारी बालोद को निर्देश दिया है कि प्रधान पाठक के विरुद्ध एक सप्ताह के भीतर आरोप पत्र तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। इसके बाद विभागीय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने इसकी जांच कराई थी। जांच में पाया गया कि पेड़ों को काटने से पहले निर्धारित प्रक्रिया और सक्षम अधिकारियों से अनुमति नहीं ली गई थी। शिक्षा विभाग ने सरकारी संस्थानों में पर्यावरण संरक्षण और नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी शासकीय परिसर में बिना अनुमति पेड़ों की कटाई या अन्य कार्य करना नियमों के खिलाफ है और ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य सरकारी स्कूलों में भी परिसर से जुड़े कार्यों को लेकर सतर्कता बढ़ने की संभावना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासकीय नियमों की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल प्रधान पाठक डोंगर सिंह निषाद के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। आरोप पत्र प्रस्तुत होने के बाद मामले के अन्य पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

 

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