300 से अधिक होटलों में ठगी करने वाला अंतर्राज्यीय ठगबाज रायपुर पुलिस की गिरफ्त में

रायपुर। रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में देशभर के 300 से अधिक होटलों में ठगी और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय आरोपी को ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर 10 से अधिक राज्यों में मामले दर्ज हैं और वह लगभग 15 वर्षों तक देश के विभिन्न जेलों में निरुद्ध रह चुका है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला तथा पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) उमेश प्रसाद गुप्ता के संयुक्त निर्देशन में की गई। आरोपी ने रायपुर के थाना तेलीबांधा क्षेत्र स्थित होटल हयात में ठगी की घटना को अंजाम दिया था, जिसके बाद उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 284/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।  मामले में प्रार्थी सूरज सिंह, जो होटल हयात में सिक्योरिटी इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं, ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 जून 2026 को भीमसेंट जॉन नामक व्यक्ति होटल के एक कमरे में ठहरा था। 27 जून 2026 की सुबह लगभग 07:44 बजे वह बिना चेक-आउट प्रक्रिया पूरी किए होटल से चला गया और 63,755 रुपये का बकाया बिल अदा नहीं किया। इसके अलावा उसने होटल से किराए पर लिया गया लगभग 1,48,000 रुपये मूल्य का लैपटॉप भी साथ ले लिया। होटल प्रबंधन द्वारा कई बार उसके मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों नंबर बंद मिले। आरोपी ने न तो कोई संपर्क किया और न ही बिल भुगतान या लैपटॉप लौटाने का प्रयास किया। इसके बाद होटल प्रबंधन ने थाना तेलीबांधा में शिकायत दर्ज कराई। घटना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना तेलीबांधा पुलिस की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और दस्तावेजों के आधार पर जांच शुरू की।  जांच के दौरान आरोपी के ओडिशा के भुवनेश्वर में मौजूद होने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस टीम वहां रवाना हुई। भुवनेश्वर में दबिश देकर पुलिस ने आरोपी बिंगसन जॉन को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से एक लैपटॉप बरामद किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह वर्ष 1990 से अब तक देश के विभिन्न राज्यों में 300 से अधिक होटलों में इसी तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। आरोपी ने बताया कि वह महंगे 5 स्टार होटलों को निशाना बनाता था और वहां स्वयं को विदेशी टूर गाइड, इंग्लिश टीचर और योगा ट्रेनर बताकर ठहरता था। होटल की सुविधाओं का उपयोग करने के बाद वह बिना भुगतान किए फरार हो जाता था और कभी-कभी होटल के उपकरण भी साथ ले जाता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वर्ष 1996 में पहली बार तिहाड़ जेल गया था और इसके बाद वह विभिन्न राज्यों की जेलों में लगभग 15 वर्षों तक निरुद्ध रहा। जेल में रहने के दौरान उसका कई शातिर अपराधियों से संपर्क हुआ और वह कुख्यात ठग चार्ल्स शोभराज से भी प्रभावित हुआ। आरोपी मूलतः तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले का निवासी है। उसका नाम बिंगसन जॉन, पिता ज्ञान प्रकाश, उम्र 69 वर्ष बताया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। रायपुर पुलिस ने बताया कि इस तरह के अंतर्राज्यीय अपराधियों के खिलाफ लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के माध्यम से कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि होटलों और आम नागरिकों को धोखाधड़ी से बचाया जा सके। इस कार्रवाई को रायपुर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से कई राज्यों में सक्रिय था और लगातार पहचान बदलकर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।

 

 

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