मुंगेली की ऐतिहासिक धरोहर खर्राघाट में अंधेरा और अव्यवस्था, शिवभक्तों को हो रही परेशानी` शिवरात्रि मेले और सावन में उमड़ती भीड़, रात में लाइट तक नहीं, मंदिर के पास बिक रही शराब मुंगेली (संदीप यादव)

जिले की प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर `खर्राघाट` आज अव्यवस्था का शिकार है। प्रत्येक `शिवरात्रि` को यहां विशाल मेला लगता है और पूरे `सावन माह` में सैकड़ों की संख्या में शिवभक्त पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। `सोमवार` को तो भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं।

इतनी प्रसिद्धि के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है।

रात में अंधेरा, लाइट की कोई व्यवस्था नहीं

श्रद्धालुओं का कहना है कि खर्राघाट मंदिर परिसर और पहुंच मार्ग में रात के समय पर्याप्त लाइट की व्यवस्था नहीं है। सावन और शिवरात्रि में देर रात तक पूजा करने आने वाले भक्तों को अंधेरे में ही आना-जाना पड़ता है। इससे महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। कई बार दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है।

मंदिर के पास शराब दुकान और ढाबा

सबसे गंभीर बात यह है कि पवित्र धार्मिक स्थल के पास ही शराब दुकान और ढाबा संचालित है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंदिर परिसर के आसपास ही कई लोग `मांस-मदिरा का सेवन` करते हैं। धार्मिक माहौल को ये चीजें बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं। भक्तों ने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

भक्तों ने की तत्काल प्रबंध की मांग

स्थानीय नागरिकों और शिवभक्तों ने प्रशासन से मांग की है कि खर्राघाट में तत्काल उचित प्रबंध किए जाएं।

उनकी प्रमुख मांगे हैं: 

1. मंदिर परिसर और पूरे क्षेत्र में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाई जाए

2. मंदिर के 500 मीटर के दायरे में शराब दुकान और मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगे

3. सावन और मेला अवधि में साफ-सफाई, पेयजल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों

भक्तों का कहना है कि खर्राघाट मुंगेली की पहचान है। अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो आस्था के इस केंद्र की गरिमा खत्म हो जाएगी।

अब देखना होगा कि प्रशासन कब इस ऐतिहासिक स्थल की सुध लेता है या फिर एसे ही सैकड़ों भक्तों की आस्था से खिलवाड़ होता रहेगा ??

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