मुंगेली संदीप यादव:-जिले में अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने के आबकारी विभाग के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। ग्राम साल्हेघोरी में 07 लीटर महुआ शराब जब्त कर विभाग भले ही अपनी पीठ थपथपा रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि मुंगेली शहर में धड़ल्ले से अवैध शराब बिक रही है। 
शहरी क्षेत्र में कहीं भी आसानी से शराब उपलब्ध हो जाती है। सूत्रों की मानें तो शहर के प्रमुख चौक-चौराहों दाऊपारा, पड़ाव चौक, बड़ा बाजार, पुलपारा, रामगढ़ सहित अन्य कई जगहों पर किराना दुकानों, पान ठेलों और सुनसान जगहों पर खुलेआम देशी और अंग्रेजी शराब की बिक्री हो रही है। रात 10 बजे के बाद सरकारी दुकानें बंद हो जाती हैं, लेकिन तस्करों के पास आधी रात को भी शराब आसानी से मिल जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई सिर्फ नाम मात्र की होती है। सवाल यह उठ रहा है कि कहीं यह कार्रवाई सिर्फ निचले तबके के लोगों पर ही तो नहीं की जा रही है? जबकि आंखों के सामने खुले आम शराब बिक रही है, उस पर आबकारी विभाग मौन क्यों है?
क्या आबकारी विभाग को मिलती है मोटी रकम? क्या यह सब खेल साठ-गांठ से फल-फूल रहा है? अवैध शराब की खुलेआम बिक्री से युवा वर्ग नशे की चपेट में आ रहा है और कानून व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ रही है।
इस एकतरफा कार्रवाई से आबकारी विभाग की संलिप्तता पर सवाल खड़ा होता है। बहरहाल, देखना होगा कि कब तक बड़ी कार्रवाई होती है।














