चार मामलों में कार्रवाई की मांग पर थाने में डटे विधायक इंद्र साव

बोले- निष्पक्ष जांच और सभी तथ्य स्पष्ट होने तक नहीं उठेंगे, पुलिस पर राजनीतिक दबाव का लगाया आरोप

भाटापारा। लंबित मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए भाटापारा विधायक इंद्र साव ने सोमवार को पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विधायक दोपहर करीब 12 बजे ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों के साथ भाटापारा ग्रामीण थाना परिसर में धरने पर बैठ गए। विधायक ने स्पष्ट किया कि जब तक चारों मामलों में निष्पक्ष जांच नहीं होती और सभी तथ्य सामने नहीं आते, तब तक वे थाने से नहीं उठेंगे।

विधायक के साथ पहुंचे ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों ने भी पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए लंबित मामलों में जल्द कार्रवाई की मांग की। विधायक का आरोप है कि कई मामलों में चार से छह महीने या उससे अधिक समय बीत जाने के बावजूद जांच पूरी नहीं हुई है और पीड़ित परिवारों को बार-बार आवेदन देने के लिए कहा जा रहा है।

सड़क हादसे और संदिग्ध मौत के मामले उठाए

धरने के दौरान सड़क हादसे में हुई मौत और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत सहित चार मामलों को प्रमुखता से उठाया गया। एक मामले में सड़क दुर्घटना में पति की मौत के बाद निष्पक्ष जांच और वर्तमान जांच अधिकारी को बदलने की मांग की गई है। वहीं रूपेश साहू की संदिग्ध मृत्यु के मामले में परिजनों ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और कॉल रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की मांग की है। आवेदन के अनुसार रूपेश साहू 14 मार्च 2026 से लापता था और 17 मार्च को उसका शव बरामद हुआ था।

पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

धरने के दौरान विधायक इंद्र साव ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जांच के नाम पर समय काट रही है और कुछ मामलों में मुख्य आरोपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि परिजनों के दबाव बनाने के बाद पुलिस नए आवेदन मांगती है, जिससे जांच प्रक्रिया महीनों तक लंबित हो जाती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है तो चार से छह महीने बाद भी मामलों के तथ्य स्पष्ट क्यों नहीं हुए। विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में भी काम कर रही है। उन्होंने भाटापारा के एक भाजपा नेता के दबाव का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके कारण मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई प्रभावित हो रही है।

सड़क हादसे की कार्रवाई पर भी सवाल

विधायक ने एक सड़क हादसे के मामले का हवाला देते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया। उनका आरोप है कि मामले में एक ऑटो चालक, जो कथित तौर पर प्रभावशाली पक्ष के गांव से संबंधित है, उसे छोड़ दिया गया, जबकि मोटरसाइकिल सवार के खिलाफ कार्रवाई की गई। विधायक ने दोनों पक्षों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की।

‘व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है धरना’

विधायक इंद्र साव ने कहा कि उनका धरना किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए है। उन्होंने कहा कि पुलिस को कानून और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए, न कि किसी राजनीतिक दबाव में।

विधायक ने दो टूक कहा कि “जब तक चारों मामलों में सभी तथ्य स्पष्ट नहीं होते और निष्पक्ष जांच पूरी नहीं होती, तब तक हम थाने में बैठे रहेंगे।”

विधायक के धरने के बाद थाना परिसर में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी बढ़ गई। पुलिस अधिकारियों ने मामलों की जांच और कार्रवाई को लेकर अपना पक्ष रखा, लेकिन विधायक तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। देर शाम तक विधायक ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों के साथ थाना परिसर में डटे हुए हैं।

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