भाटापारा रेल्वे स्टेशन मुंगेली, बेमेतरा, कवर्धा एवं बलौदाबाजार सहित आसपास के अनेक गांवों, ब्लॉक एवं तहसीलों के यात्रियों के लिए प्रमुख रेल केंद्र है। इसके बावजूद यहां कई मूलभूत सुविधाओं एवं यात्री सेवाओं की कमी बनी हुई है।
रेलवे सलाहकार समिति के सदस्यों ने डीआरएम दयानंद के समक्ष प्रमुख समस्याएं एवं मांगें रखते हुए कहा स्टेशन के सामने की सड़क की हालत बेहद खराब है। सड़क जगह-जगह उखड़ गई है, बड़े-बड़े गड्ढे हैं और छड़ें बाहर निकल रही हैं, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसका तत्काल गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए।
अमृत भारत योजना का कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है। लगभग दो माह बंद रहने के बाद कार्य शुरू हुआ है, इसे तेज गति से निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाए। खोखली-अंबुजा फाटक लंबे समय तक बंद रहने से आवागमन बाधित होता है। फाटक के दोनों ओर हुए बड़े गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। नवनिर्मित अंडरब्रिज में बारिश का पानी आने की समस्या का तकनीकी परीक्षण कर जल निकासी, प्रकाश एवं सुरक्षा की उचित व्यवस्था की जाए।
माता देवालय क्षेत्र की ओर एस्केलेटर लगाएं: मातादेवालय क्षेत्र की ओर लिफ्ट एवं एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए अच्छे रेस्टोरेंट/होटल की व्यवस्था की जाए। भाटापारा की क्षेत्रीय उपयोगिता को देखते हुए प्रमुख ट्रेनों का स्टॉपेज भाटापारा में दिया जाए तथा बंद/विशेष ट्रेनों को नियमित एवं आवश्यकतानुसार विस्तारित किया जाए। इस अवसर पर रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य रविंद्र जैन, अमरजीत सिंह सलूजा, सुरेश भानुशाली, लक्ष्मी नारायण सोनी, , अभिषेक मोदी, गौरव जैन एवं तथा राजेश शर्मा (DRUCC सदस्य) ने डीआरएम दयानंद का स्वागत किया।











