भाटापारा,विशेष न्यायालय एनडीपीएस एक्ट बलौदाबाजार ने अवैध मादक पदार्थ गांजा तस्करी के मामले में आरोपी शिबा रायता को दोषी ठहराया। अदालत ने 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 50,000 रुपए का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड नहीं चुकाने पर 1 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। फैसला विशेष न्यायाधीश संगीता नवीन तिवारी की अदालत ने 31 अगस्त को सुनाया।
मामला 8 जून 2025 का है। भाटापारा शहर थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक कुलमणी बारीक को सूचना मिली थी। जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से उड़ीसा का एक अंतरराज्यीय तस्कर गांजे की बड़ी खेप लेकर भाटापारा पहुंच रहा है।
सूचना पर पुलिस टीम ने कानून के प्रावधानों का पालन किया। स्टेशन रोड पर मस्जिद और हनुमान मंदिर अंडरब्रिज के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर संदिग्ध भागा। जवानों ने खदेड़कर पकड़ा। तलाशी में आरोपी के सूटकेस और बैग से भूरे रंग के टेप में लपेटा कुल 17.060 किलोग्राम गांजा मिला।
गिरफ्तारी के बाद भाटापारा शहर पुलिस ने वैज्ञानिक और विधिक तरीके से जांच की। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौल की गई। जब्ती और पंचनामा की कार्रवाई हुई। आरोपी के मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की गई। तस्करी नेटवर्क से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए। समय पर फॉरेंसिक रिपोर्ट ली गई। गवाहों के बयान दर्ज हुए। अदालत में चालान पेश किया गया। विचारण के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक संतोष कुमार कन्नौजे ने तर्क रखे। विवेचना अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक कुलमणी बारीक के जुटाए साक्ष्य भी रखे गए। अदालत ने आरोपी को धारा 20(b)(ii)(B) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी माना।








