आधा एकड़ जमीन हड़पने की रंजिश में की भाई और भाभी की हत्या, नवलपुर के अंधे कत्ल का पुलिस ने किया खुलासा

संदीप यादव मुंगेली। एक बार फिर संपत्ति विवाद में सगे भाई ने ही भाई और भाभी की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी स्वयं भाई की अस्थि विसर्जन करने भतीजों के साथ बनारस गया था। वहां से आने के बाद पूछताछ में उसने हत्या करना कबूल कर लिया।

हत्या में प्रयुक्त लोहे की कुदारी जब्त कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

आरोपी ने कहा कि माता-पिता की सेवा के कारण पिता के नाम एक एकड़ जमीन उसे मिलनी थी, परंतु भाई ने धोखा करते हुए बराबर बांट ली, जिससे उसने रंजिश में हत्या की।

ऐसे हुआ खुलासा

थाना लोरमी क्षेत्र के ग्राम नवलपुर निवासी मोहन कश्यप ने 25 अगस्त को थाना लोरमी में सूचना दी कि हम लोग दो भाई हैं, बिलासपुर में रहते हैं, मेरे पिता नंदकुमार कश्यप 50 वर्ष एवं माता गौरीबाई कश्यप 50 वर्ष, ग्राम नवलपुर स्थित अपने मकान में निवास करते थे। 18 अगस्त की रात्रि लगभग 8.30 बजे अपनी माता से फोन पर बातचीत हुई थी। 23 अगस्त को माताजी को कॉल करने पर नहीं उठाई, लगातार कॉल करने के बावजूद संपर्क नहीं हो पाया। 24 अगस्त को संदेह होने पर मैंने चाचा नंदू कश्यप को घर जाकर देखने के लिए कहा। जिसपर उन्होंने घर में ताला लगा होने की जानकारी दी।

24 अगस्त को मोहन कश्यप एवं उसका भाई ग्राम नवलपुर पहुंचे, जहां घर के बाहर ताला लगा हुआ था तथा अंदर से दुर्गंध आ रही थी। ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर पिता नंदकुमार कश्यप एवं मां गौरीबाई कश्यप अलग-अलग बिस्तरों पर मृत अवस्था में मिले। पुलिस को सूचना देने के पश्चात प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध पाए जाने पर मर्ग कायम कर पंचनामा एवं कार्यवाही प्रारंभ की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी रामगोपाल गर्ग व एसपी भोजराम पटेल ने प्रकरण का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। जिसके पालन में थाना लोरमी पुलिस एवं साइबर सेल की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए। दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम बिलासपुर सिम्स में कराया गया। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की हत्या पाए जाने पर थाना लोरमी में धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

रात्रि में घर में घुसकर दिया वारदात को अंजाम

19 अगस्त की दरम्यानी रात्रि आरोपी अपने भाई नंदकुमार की हत्या करने के उद्देश्य से लोहे की कुदारी लेकर उसके घर पहुंचा। आरोपी नंदकुमार के पड़ोसी की बाड़ी की ओर से होते हुए मकान की बाउंड्री पार कर छत के रास्ते घर में प्रवेश किया। सीढ़ियों से नीचे उतरने पर देखा कि नंदकुमार कश्यप एवं उसकी पत्नी गौरीबाई बरामदे में अलग-अलग स्थान पर सो रहे थे। आरोपी ने पहले नंदकुमार कश्यप के सिर पर लोहे की कुदारी से वार किया। आवाज सुनकर गौरीबाई जाग गईं और उन्होंने आरोपी नंदू कश्यप को पहचान लिया। इसके बाद आरोपी ने गौरीबाई पर भी कुदारी से हमला कर उसकी भी हत्या कर दी।

आरोपी नंदू कश्यप के हत्याकारित करना स्वीकार करने एवं प्रमाणित साक्ष्य पाये जाने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर पृथक से जेल दाखिल किया गया।

जमीन विवाद की जानकारी से मिला महत्वपूर्ण सुराग

पुलिस टीम ने मृतक के पारिवारिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि की जानकारी एकत्र कर गांव में रहने वाले व्यक्तियों, आसपास के लोगों एवं संभावित संदेहियों से पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि मृतक एवं उसके भाई के बीच पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद एवं मनमुटाव चल रहा था।

मृतक के भाई नंदू कश्यप ने पूछताछ में बताया कि पिताजी की लगभग 8 एकड़ पैतृक जमीन में से 3-3 एकड़ जमीन दोनों भाइयों के हिस्से में आया था एवं 1 एकड़ जमीन बहन के नाम की गई थी और 50 डिसमिल जमीन पिताजी के पास था। पिताजी, माता की देखरेख करने के कारण नंदू कश्यप को उक्त जमीन मिलने की बात हुई थी। माता-पिता के देहांत उपरांत 50 डिसमिल जमीन नंदू कश्यप को मिलना था जिसे मृतक नंदकुमार द्वारा उक्त जमीन में आधा हिस्सा लेने से दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ गया, इसी विवाद को लेकर आरोपी नंदू कश्यप द्वारा मृतक नंदकुमार से रंजिश रखने लगा था।

Hot Topics

Related Articles