बलौदाबाजार में रेनकोट वाले चोरों का आतंक : कृषि केंद्र से डेढ़ लाख की चोरी, CCTV में कैद हुई करतूत

बलौदाबाजार। जिले में रेनकोट पहनकर चोरी करने वाले बदमाश पुलिस के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। पलारी थाना क्षेत्र के ग्राम अमेंरा में चोरों ने एक कृषि दवाई दुकान को निशाना बनाकर करीब डेढ़ लाख रुपये की नगदी चोरी कर ली। वारदात CCTV कैमरे में कैद हुई है, जिसमें एक आरोपी रेनकोट पहने दुकान के अंदर जाता दिखाई दे रहा है। जिले में इस तरह की यह तीसरी घटना बताई जा रही है।

रात 1 बजे दुकान में घुसे चोर

पलारी थाना क्षेत्र के ग्राम अमेंरा में मुख्य मार्ग स्थित शिवम कृषि केंद्र में बुधवार 9 सितंबर की रात करीब 1 बजे दो चोर मोटरसाइकिल से पहुंचे। CCTV फुटेज के मुताबिक, एक आरोपी दुकान के बाहर निगरानी करता रहा, जबकि दूसरा रेनकोट पहनकर दुकान के अंदर दाखिल हुआ। दुकान के अंदर घुसे चोर ने सबसे पहले शटर का ताला तोड़ा। इसके बाद उसने नगदी रखने वाली पेटी को तोड़कर उसमें रखे करीब 1.5 लाख रुपये निकाल लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए।

दुकान संचालक ने दर्ज कराई शिकायत

घटना की जानकारी मिलने के बाद दुकान संचालक छवि साहू ने पलारी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना की सूचना पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड भी मौके पर पहुंचा। टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में जांच की, लेकिन फिलहाल पुलिस को आरोपियों का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

जिले में तीसरी बार सामने आया ऐसा मामला

खास बात यह है कि रेनकोट पहनकर चोरी करने का यह जिले में पहला मामला नहीं है। इससे पहले बलौदाबाजार सिटी कोतवाली क्षेत्र के दशहरा मैदान स्थित एक जनरल स्टोर में भी इसी तरह चोरी की वारदात सामने आई थी। वहां भी आरोपी दुकान से नगदी लेकर फरार हो गए थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

CCTV में पहचान बनी चुनौती

रेनकोट पहनने और चेहरा ढकने के कारण CCTV फुटेज में भी आरोपियों की पहचान करना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है। हालांकि पुलिस तकनीकी जांच और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। लगातार चोरी की घटनाओं से जिले के व्यापारी और आम लोग चिंतित हैं। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती रेनकोट पहनकर वारदात करने वाले इन आरोपियों तक पहुंचना और चोरी के मामलों का खुलासा करना है। पुलिस की तकनीकी जांच और CCTV फुटेज से जल्द आरोपियों की पहचान होने की उम्मीद है।

Hot Topics

Related Articles