- डीजे की तेज आवाज और फूहड़ गानों पर लगेगी रोक
- ब्रेथ एनालाइजर व मेडिकल जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
डोंगरगांव,( घनश्याम साव)। गणेशोत्सव एवं गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन कार्यक्रम को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं मर्यादित तरीके से संपन्न कराने को लेकर आज नगरपालिका सभागार में प्रशासन, पुलिस एवं गणेशोत्सव समितियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्पष्ट कर दिया गया कि धार्मिक आयोजन की आड़ में हुड़दंग, शराबखोरी, फूहड़ता और तेज आवाज में डीजे बजाने की मनमानी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में पहली बार नागरिकों की ओर से दिनेश गांधी एवं नरेंद्र साहू ने गणेश विसर्जन के दौरान डीजे को फूल साउंड में बजाने तथा देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि डीजे में कई बार फूहड़ एवं अशोभनीय गाने बजाए जाते हैं, जिससे धार्मिक आयोजन की गरिमा प्रभावित होती है। नागरिकों ने ऐसे गानों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि विसर्जन जुलूस के दौरान कुछ लोग शराब के नशे में हुड़दंग करते हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी होती है और धार्मिक आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं की भावनाएं भी आहत होती हैं।
*रात 11 बजे के बाद नहीं बजेगा डीजे..*
बैठक में पुलिस ने साफ कर दिया कि इस बार गणेश विसर्जन के दौरान देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मंजुलता बाज ने कहा कि पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा की स्पष्ट मंशा है कि धार्मिक आयोजनों में व्यवधान पैदा करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने गणेशोत्सव समितियों को निर्देश दिए कि विसर्जन का पूरा कार्यक्रम रात 11 बजे तक अनिवार्य रूप से संपादित कर लिया जाए। उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का सभी को पालन करना होगा।
*हुड़दंग हुआ तो समिति भी होगी जिम्मेदार…*
एसडीओपी मंजुलता बाज ने बैठक में दो टूक कहा कि विसर्जन जुलूस के दौरान यदि किसी प्रकार का उपद्रव या अव्यवस्था होती है तो पहली नजर में संबंधित गणेशोत्सव समिति की जिम्मेदारी तय की जाएगी। समितियों को अपने जुलूस एवं सदस्यों पर नियंत्रण रखने तथा आयोजन की मर्यादा बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था के कार्यक्रम में असामाजिक तत्वों की दखलंदाजी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*शराब पीकर पहुंचे तो जांच, फिर कार्रवाई..*
विसर्जन के दौरान शराब पीकर हुड़दंग करने वालों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। ऐसे लोगों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच तथा आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल जांच कराई जाएगी। शराब के नशे में धार्मिक आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस द्वारा विसर्जन कार्यक्रम की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी, ताकि नियम तोड़ने, उपद्रव करने अथवा अशांति फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
*आस्था का पर्व है, अराजकता का मंच नहीं..*
बैठक में प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि गणेशोत्सव आस्था, श्रद्धा और भाईचारे का पर्व है, इसे अराजकता का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। समितियों को भी जिम्मेदारी से आयोजन करने तथा अपने सदस्यों एवं जुलूस में शामिल लोगों पर नियंत्रण रखने की हिदायत दी गई।
पुलिस के सख्त रुख के बाद यह स्पष्ट है कि इस बार शराब पीकर हुड़दंग करने वालों, फूहड़ गाने बजाने वालों और नियमों की अनदेखी कर तेज आवाज में डीजे चलाने वालों पर कार्रवाई तय है।
बैठक में मंजुलता बाज एसडीओपी,तहसीलदार कमल किशोर साहू, नगर पालिका सीएमओ विनम्र जेमा, टी आई आशीर्वाद रहटगांवकर,भाजपा नेता, दिनेश गांधी, साहू समाज प्रदेश अध्यक्ष डॉ नीरेंद्र साहू, रामकुमार गुप्ता, रामकिशन माहेश्वरी, स्वरूपचंद जैन, वीरेन्द्र बोरकर,योगेश पटेल,सद्दाम खत्री, प्रफुल्ल जैन, दयानंद सेन, राजीव वैष्णव, एल्डरमेंन प्रेस क्लब से प्रेम गोस्वामी,गोविंद गुप्ता, घनश्याम साव, दिवाकर सोनी ,राजा, राणा ,महेंद्र लेंझारे सहित नगर की विभिन्न गणेशोत्सव समितियों के पदाधिकारी एवं सदस्य गण बड़ी संख्या में शामिल हुए थे,








