अब तक सबसे ज्यादा वर्षा 1211.0 मिमी टुण्डरा में और सबसे कम 832.1 मिमी सोनाखान

बलौदा बाजार भाटापारा/ बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश पर सक्रिय डीप डिप्रेशन ( गहरे अवदाब) के कारण छत्तीसगढ़ के मौसम ने अचानक करवट ले ली है। इसके असर से बलौदाबाजार जिले में पिछले 48 घंटों के भीतर दिन के तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को अधिकतम पारा लुढ़ककर 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों में यह सिस्टम उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ की ओर रुख करेगा, जिससे शुक्रवार को जिले में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। गुरुवार को भी दिनभर बारिश हुई। रात में भी बारिश नहीं थमी।

‘अर्नब’ चक्रवात की अफवाहों पर विराम: ओडिशा और आसपास के तटीय इलाकों में ‘अर्नब’ नाम के चक्रवाती तूफान को लेकर चल रही चर्चाओं को मौसम विभाग ने खारिज कर दिया है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एनपी थॉमस ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कोई चक्रवाती तूफान नहीं बना है, बल्कि यह केवल डीप डिप्रेशन का असर है जिसके चलते बारिश की गतिविधियां अचानक बढ़ी हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, डीप डिप्रेशन का सबसे अधिक असर प्रदेश के मध्य और उत्तरी भागों में देखने को मिलेगा। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में भी अगले दो दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, दो दिनों के बाद प्रणाली के कमजोर पड़ने के साथ बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने लगेगी। मध्य हिस्से मे बलौदाबाजार भाटापारा जिला भी शामिल है। बिजली चमकने और जलभराव के दौरान बरतें सावधानी गरज-चमक के समय खुले मैदान, खेतों, पानी के स्रोतों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। निचले इलाकों में अलर्ट: जलभराव की स्थिति बनने पर सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखें। खेतों में जरूरत से ज्यादा पानी जमा न होने दें, जल निकासी (Drainage) की व्यवस्था दुरुस्त रखें ताकि कटी या खड़ी फसलों को नुकसान न पहुंचे। बलौदाबाजार: 1159.8 मिमी पलारी: 1109.8 मिमी लवन: 990.1 मिमी कसडोल: 977.2 मिमी सुहेला: 966.1 मिमी सिमगा: 964.4 मिमी भाटापारा: 955.8 मिमी सितंबर के आखिरी हफ्ते में जहां आमतौर पर मानसून की विदाई शुरू हो जाती है और धूप के कारण तापमान बढ़ता है, वहीं इस बार इसके विपरीत मौसम देखने को मिल रहा है। लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण दिन में भले ही गर्मी से राहत मिली है, लेकिन हवा में नमी के कारण उमस की स्थिति बनी हुई है।

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