तीन दिन तक चला चक्काजाम खत्म, SDM के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने खोला रास्ता

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडी विकासखंड के आड़ेझर गांव में पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों का तीन दिनों से चल रहा चक्काजाम सोमवार को समाप्त हो गया। ग्रामीणों ने दल्लीराजहरा-महामाया मार्ग पर बैठकर गांव में पीने के पानी की व्यवस्था की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन खत्म किया। ग्रामीणों की मांग थी कि गांव में पीने योग्य पानी उपलब्ध कराया जाए और बोइरडीही जलाशय से पानी की व्यवस्था की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि आड़ेझर गांव में पीने के पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। गांव का पानी पीने योग्य नहीं है और बोरवेल से भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। पानी की समस्या से परेशान ग्रामीणों को करीब 2 किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में जाकर पानी लाना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीण सड़क पर उतर आए और दल्लीराजहरा-महामाया मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।ग्रामीणों के सड़क पर बैठने से महामाया माइंस, दुलकी माइंस और कलवर माइंस से कच्चा लोहा लेकर आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। बताया गया कि रोजाना बड़ी संख्या में खनिज परिवहन से जुड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। चक्काजाम के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई। इससे बीएसपी के कामकाज पर भी असर पड़ने की बात सामने आई।ग्रामीणों के प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और बीएसपी अधिकारियों की ओर से कई बार बातचीत का प्रयास किया गया, लेकिन तीन दिनों तक सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद सोमवार को एसडीएम सुरेश साहू मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों को लिखित में आश्वासन दिया कि जल्द ही गांव में बोर खनन कराया जाएगा। बोर सफल नहीं हुआ तो जलाशय से मिलेगा पानी एसडीएम के आश्वासन के अनुसार, गांव में जल्द बोर खनन कराया जाएगा। यदि बोरवेल से पर्याप्त पानी नहीं मिलता है तो इसके बाद बोइरडीही जलाशय से पेयजल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और सड़क से हट गए।

 

 

 

 

 

 

 

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